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एजाज घूम-घूम कर बेचता था कपड़े और महिलायें बिठाती थी उसे घर में.. उन्हें पता ही नहीं था कि वो क्या करने वाला है ?

एजाज घूम घूम कर कपड़े की फेरी लगाता था, कपडे बेचता था तथा लोग उसे गरीब कपड़े वाला समझ कर उससे कपड़े खरीदते थे, महिलाएं उसे घर में उठाती थी. लेकिन कोई नहीं जानता था कि जिसे वह गरीब कपडे वाला समझ रहे हैं तथा उससे कपड़े खरीद रहे हैं वो गरीब नहीं है बल्कि दुर्दांत इस्लामिक आतंकी है जो हिन्दुस्थान को तबाह करने के नापाक मंसूबे पाले हुए है. पता भी कैसे होते? अगर कभी किसी ऐसे संदिग्ध के खिलाफ जागरूक आम जनमानस सख्ती से पेश आये तो कथित बुद्धिजीवी तथा सेक्यूलर नेता ढोल पीटने लगते हैं कि देश में असहिष्णुता बढ़ रही है, मासूम लोगों को निशाना बनाया जा रहा है.

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इसी का फायदा उठाया था एजाज ने तथा वह लग गया था हिंदुस्तान में तबाही मचाने के अपने नापाक प्रयासों को अंजाम तक पहुंचाने में. लेकिन इससे पहले कि वह तबाही मचा पाता, उसे गिरफ्तार कर लिया गया. हम बात कर रहे हैं बिहार के गया के बुनियादगंज थाना क्षेत्र के पठानटोली से पकड़े गये बांग्लादेश के प्रतिबंधित आतंकी संगठन जमात-उल-मुजाहिद्दीन का भारत प्रमुख मोहम्मद एजाज अहमद उर्फ उर्फ मोती अहमद उर्फ जीतू ऊर्फ इजाज की.

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जानकारी के मुताबिक़, एजाज मानपुर के सुदूर गांवों में कपड़ा फेरी का काम करता था. सूत्र बताते हैं कि कपड़ा फेरी के दौरान वह बेरोजगार युवकों व नौजवानों को अपने साथ संगठन में जोड़ने का काम करता था. संगठन को विस्तार करने में इसका अहम रोल है. वह हिंदी, बंगाली, उर्दू के अलावा अंग्रेजी भाषा का अच्छा जानकार है. वह समय व जगह के हिसाब से अपनी भाषा का प्रयोग करता था. सईद अंसारी लंबू टेलर मास्टर (फेमस टेलर) जहानाबाद में सिलाई दुकान चलाता है. उसके नये घर में आतंकी एजाज ढाई माह पहले किरायेदार के रूप में रहने आया था. उसके तीन बच्चे के साथ पत्नी भी रहती है.

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एटीएस की टीम सोमवार की शाम आतंकी एजाज की पत्नी रहीमा सहनाज से पूछताछ की व उसके बारे में जानकारी ली. एटीएस की टीम एजाज के रहने व रखवाने वाले के बारे में जानकारी जुटा रही है. पता लगाया जा रहा है कि आखिर मानपुर के इसका कनेक्शन कैसे पहुंचा. कनेक्शन के पीछे किन किन लोगों का हाथ है. एजाज के मोबाइल व लैपटॉप से जुड़े लोगों के बारे भी जानकारी निकाली जा रही है.
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