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बचपन से जिस पिता ने अपनी बेटी को धर्मनिरपेक्षता की शिक्षा दी थी अब बड़ी हो कर उसी बेटी ने अपने पिता को कोर्ट में दी ये शिक्षा

उस बेटी को हर ख़ुशी दी थी पिता ने . बचपन से उसको कान्वेंट स्कूल में पढ़ाया था और पूरी छूट दी अपने जीवन के तमाम फैसले लेने की जिसमे कैरियर का चुनाव भी शामिल था .. लेकिन बेटी ने कैरियर के बजाय एक दूल्हा चुन डाला और वो दूल्हा उसकी जाति आदि तो दूर , उसके धर्म से भी बाहर था.. हिन्दू लडकी ने आख़िरकार चुना मुस्लिम लड़का जिसको समाज में दिया जाने लगा लव जिहाद का नाम और पिता भी पहुच गया अपनी बेटी से अपनी इज्जत की दुहाई देने .

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लेकिन बेटी पर मुस्लिम लड़के के प्यार का इस कदर जूनून था कि उसने अपने पिता को ही अदालत में शिक्षा दे डाली और कहा कि मेरे प्यार को कोई जिहाद मत बोलो .. इतना ही नहीं अदालत में अपने बालिग होने का प्रमाण देने के साथ साथ लडकी ने पुलिस तक को दोषी घोषित कर डाला और कहा कि उसको पुलिस और उसके खुद के परिवार से जान का खतरा है.. यहाँ पर दुनिया ने देखा एक सेकुलर पिता की बेबसी को जिसने अपनी बेटी को बचपन से सभी धर्म समान होते हैं और हिन्दू मुस्लिम भाई भाई की शिक्षा दी थी .

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ये मामला है फिरोजपुर का जहाँ पर झिरका की रहने वाले एक लडकी ने खुद से हाई कोर्ट में याचिका दायर कर अपने माता पिता भाई बहनों के साथ साथ पुलिस और हिन्दू संगठनों से अपनी जान को खतरा बताया है और कहा है कि उसने एक मुस्लिम लडके से निकाह किया है .. इसी के साथ लड़की ने हाई कोर्ट में कहा कि कुछ संगठन उनके प्यार को लव जेहाद का रंग दे रहे हैं. आख़िरकार हाईकोर्ट के आदेश पर लड़की अदालत में पेश हुई। लड़की ने बेंच को बताया कि वह बालिग है और उसने अपनी मर्जी से विवाह किया है।

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उसने परिजनों की शिकायत पर कानूनी कार्यवाही कर रहे पुलिसकर्मियों व अपने खुद के परिजनों से अपनी जान का खतरा है। लड़की ने कहा कि इस मामले को राजनीतिक रंग देने की कोशिश हो रही है। मुस्लिम युवक से शादी को लव जेहाद बताकर कुछ लोग उसका घर तोड़ने का प्रयास कर रहे हैं। 19 साल की इस लड़की ने हाई कोर्ट को बताया कि उसने अपनी मर्जी से मुस्लिम लड़के से शादी की है। उन्हें ट्राईसिटी में कहीं रखा जाए, क्योंकि हरियाणा में उसकी जान को खतरा है। हाई कोर्ट ने लड़का और लड़की दोनों को पंचकूला भेजने के आदेश दिए।

 

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