कश्मीर में व्यापार को बढ़ावा देना चाह रही है सरकार, लेकिन वहां के तीन व्यापारी निकले आतंकियों के मददगार

पिछले वर्ष 17 सितम्बर 2018 को कानपूर के चकेरी से गिरफ्तार हुए इस्लामिक आतंकी कमरुज्जमा के बारे में खुलासा हुआ है कि आतंकी की मदद कश्मीर के तीन कारोबारी कर रहे थे. एकतरफ सरकार कश्मीर में व्यापार, कारोबार को बढ़ावा देने के तमाम प्रयास कर रही है, ऐसे में कश्मीरी कारोबारियों द्वारा आतंकी की मदद करने की खबर चिंतित करने वाली है. यह सनसनीखेज खुलासा एनआईए जांच के दौरान हुआ है.

खबर के मुताबिक़, एनआईए ने इन तीनों कारोबारियों की पूरी जानकारी निकाल ली है. बताया गया है कि आतंकी के मददगार ये तीनों आतंकी किश्तवाड़ के रहने वाले हैं. एनआईए कोर्ट लखनऊ ने तीनों के खिलाफ एनबीडब्ल्यू (नॉन बेलेवल वॉरन्ट) जारी कर दिया गया है। अब इनकी गिरफ्तारी के लिए एनआईए की टीम जल्द ही जम्मू-कश्मीर जाएगी. बता दें कि 17 सितम्बर 2018 को कानपूर के चकेरी से आतंकी कमरुज्जमा की गिरफ्तारी के बाद एनआईए ने इस केस की जांच पड़ताल शुरू की. कमरुज्जमा के हिजबुल और जैश-ए-मोहम्मद जैसे आतंकी संगठनों से तार जुड़े होने के तथ्य सामने आए. इसी मामले में कमरुज्जमा को दस दिन की रिमांड पर लेकर पूछताछ की गई थी. जिसके बाद किश्तवाड़ निवासी तीन कारोबारियों के नाम सामने आए.

आतंकियों के मददगार इन कारोबारियों के बारे में जब पड़ताल शुरू हुई तो सामने आया कि आतंकी कमरुज्जमा को असोम से लाने और किश्तवाड़ में उसे दुकान खुलवाने से लेकर रहने की व्यवस्था करने तक में उसकी मदद इन्होने की थी. कमरुज्जमा तीन माह तक तो किश्तवाड़ में दिखा उसके बाद वह गायब हो गया. इसके बाद उसकी गिरफ्तारी कानपुर से हुई. इस गायब रहने के छह माह के अंतराल में उसने पाकिस्तान में ट्रेनिंग ली थी.

एनआईए सूत्रों के मुताबिक अब एक टीम किश्तवाड़ जाकर तीनों कारोबारियों को गिरफ्तार कर एनआईए की स्पेशल कोर्ट में पेश किया जाएगा. एनआईए जांच में ये भी मालूम हुआ है कि किश्तवाड़ में रहने वाले तीनों कारोबारी पाकिस्तानी आकाओं के सम्पर्क में हैं. कमरुज्जमा की पाकिस्तान की एजेंसी से इन्हीं कारोबारियों ने भेंट कराई थी. जिसके बाद उसकी ट्रेनिंग, रहने खाने की व्यवस्था कराई गई थी. तीनों कारोबारियों के खिलाफ पुख्ता सबूत सामने आने के बाद एनआईए की तरफ से कोर्ट में एनबीडब्ल्यू के लिए प्रार्थना पत्र दिया गया था.

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