महबूबा मुफ़्ती से भी आगे निकलीं उनकी बेटी.. गृहमंत्री अमित शाह को खत में लिखा ये सब

यदि शिक्षित होना ही राष्ट्रवादी होने की गारंटी होती तो ये नियम कभी आईएस रहे शाह फैसल पर जरूर लागू होता .. महबूबा मुफ़्ती भी उच्च शिक्षित है लेकिन उन्होंने अपनी बेटी को कश्मीर के बारे में न जाने क्या क्या बताया .. पूरा देश सेना के जवानो को देख कर सुरक्षा का एहसास करता है . शायद ही कोई ऐसा हो जो अपने आस पास सैनिको को देख कर ये कहे कि उसको डर लग रहा है . ऐसी बातें पहले बॉलीवुड के नसरुद्दीन शाह और आमिर खान जैसों ने की थी और अब वही परम्परा आगे बढाई है महबूबा मुफ़्ती की बेटी ने .

महबूबा मुफ़्ती की बेटी ने अमित शाह को एक खत लिखा है और उसमे लिखे गये शब्द एक एक ऐसे चुने गये हैं जैसे कि किसी कुशल राजनेता द्वारा लिखवाये गये हो . यद्दपि खानदानी रूप से राजनीति विरासत में मिलने के बाद ये भी सम्भव हो सकता है कि वो पत्र उन्होंने खुद ही लिखा हो लेकिन जो कुछ भी है वो कम से कम जनभावनाओं के पूरी तरह से विपरीत है .. जम्मू-कश्मीर की पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती की बेटी इल्तिजा मुफ्ती ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को लिखे एक खुले पत्र  लिखा है जो की सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा..

अपने पत्र में इल्तिजा ने लिखा है कि उसे कानून के पालन करने वाले नागरिक होने के बावजूद भी हिरासत में लिया गया.. यद्दपि वो ये नहीं बता पाई कि आतंकियों की और पाकिस्तान की पैरवी किस प्रकार से कानून का पालन माना जा सकता है .. आगे उन्होंने पत्र में लिखा है कि अब आशा है कि उसे मौलिक अधिकारों के बारे में सवाल उठाने के लिए दंडित नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा, कश्मीर अंधकार की गिरफ्त में है और मुझे आवाज उठाने वालों समेत यहां के लोगों की सुरक्षा को लेकर डर है।

यहाँ ये भी जानना जरूरी है कि ये असुरक्षा हर तरफ सैनिक देख कर है .. क्या सैनिक सुरक्षा के लिए खतरा है जबकि कभी वहां टॉप 100 आतंकियों का कहर हुआ करता था जिस से डर कर कभी इन्होने सरकार को पत्र नही लिखा था . इल्तिजा ने कहा कि उनकी मां महबूबा समेत कई अन्य निर्वाचित प्रतिनिधियों को उसी दिन हिरासत में ले लिया गया . उन्होंने गृह मंत्री अमित शाह को संबोधित पत्र में कहा, सभी तरह के संचार साधनों को बंद किए जाने के कारण घाटी में भय का वातावरण है जबकि असल में भय या तो आतंकियों में है और या तो पाकिस्तान में ..

 

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