सहयोगी सुरेन्द्र हत्याकांड पर ली गई एक शपथ.. “मैं स्मृति ईरानी , शपथ लेती हूँ कि ……… “

ये चुनौती केंद्र में एक पार्टी को बहुमत मिलने के बाद दी गई थी . इस चुनौती के पीछे और बड़ा दुस्साहस ये था कि प्रदेश में भी उसी पार्टी की सरकार है जिसके कार्यकर्ता की निर्ममता से हत्या की गयी है . चुनौती और भी बड़ी इसलिए है क्योकि ये हत्या केंद्र सरकार में एक कद्दावर हैसियत रखने वाली और वर्तमान समय में भारत की नारी शक्तियों में से एक गिनी जाने वाले स्मृति ईरानी के सहयोगी और चुनावों में खुल कर उनका साथ गांधी परिवार के खिलाफ देने वाले की हुई थी .

आशंका जताई जा रही थी कि इस चुनौती को सामने वाले स्वीकार करेंगे और की भी गई . सबसे पहले इस चुनौती को प्रदेश सरकार ने स्वीकार की और उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि सुरेन्द्र सिंह के हत्यारे कहीं भी क्यों न हों , भले ही वो पातळ में ही क्यों न छिपे हों , उन्हें खोज निकाला जाएगा और उनको कठोरतम सजा दी जायेगी. इसी के साथ उत्तर प्रदेश पुलिस की तरफ से DGP ओ पी सिंह ने ये चुनौती स्वीकार की और समय सीमा भी खींच दी हत्यारों की गिरफ्तारी की .

अब एक नई शपथ ली गई है खुद अपना साथी और विश्वस्त सहयोगी  खो चुकी स्मृति इरानी की तरफ से .. अपने सभी काम छोड़ कर दिल्ली से अमेठी पहुची स्मृति ईरानी ने पहले तो दिवंगत सुरेन्द्र सिंह की शवयात्रा में उनको कंधा दिया फिर उसके बाद शोकाकुल परिवार के सामने एक शपथ ली . स्मृति ईरानी ने सबसे पहले दिवंगत सुरेन्द्र सिंह के बच्चो की शिक्षा दीक्षा के संकल्प के साथ पूरे परिवार की सुरक्षा का वचन दिया और कहा कि वो तब तक चैन से नहीं बैठेंगी जब तक कि सुरेन्द्र सिंह के हत्यारों को फांसी पर लटकता नहीं देख लेती .. उन्होंने शपथ लेते हुए कहा कि-  उनके दिवंगत सहयोगी  सुरेन्द्र सिंह के हत्यारों को मृत्युदंड से कम कुछ भी उन्हें मंजूर नहीं है और ये लड़ाई भले ही उनको सुप्रीम कोर्ट तक लड़नी पडी तो भी वो लड़ेंगी .. 

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