राहुल गांधी के साथ लगातार दिख रहे पूर्व फौजी अफसर लेफ्टिनेंट जनरल डी एस हुड्डा से जुडी ये सनसनीखेज घटना नहीं जानते होंगे आप.. बर्बाद हो गये थे कई फौजी अधिकारी व् सैनिक


राहुल गाँधी के साथ बार बार एक फौजी अफसर दिखाई देर हे हैं जिनका नाम लेफ्टिनेंट जनरल डी एस हुड्डा  है .   ये फिलहाल मोदी के विरोध में और राहुल गांधी के समर्थन में लगातार दिए जाने वाले बयानों के लिए चर्चा में है . पिछले कुछ समय से सोशल मीडिया पर तमाम युवाओं और उनको ही देख कर कई नेताओं ने लगातार   आरोप लगाया था कि कांग्रेस सरकार ने आतंकियों और पाकिस्तान को जवाब देने के लिए भारत की सेना के हाथ बांधे थे ..

लेकिन इन्ही लेफ्टिनेंट जनरल हुड्डा ने खुद आगे आते हुए कांग्रेस की तरफ से सफाई पेश की और कहा कि भारत की सेना के हाथ कभी भी नहीं बंधे रहे हैं . इस बयान का उपयोग कांग्रेस ने भाजपा के विरोध में किया था . इतना ही नहीं ये पूर्व फौजी अधिकारी कांग्रेस की प्रेस कांफ्रेंस तक में दिखे थे .. पर इसी के साथ इनके जीवन से जुडी है एक ऐसी घटना जो एक समय सोशल मीडिया की सबसे वायरल खबर बन गयी थी और कई लोगों में आक्रोश का कारण भी .

ये 29 अप्रैल और 30 अप्रैल के बीच रात की घटना है जब भारत की सेना ने दावा किया था कि उसने ३ घुसपैठियों को मार गिराया है . इन तीनो के नाम मोहम्मद शफी , शहजाद अहमद और रियाज़ अहमद था . उस समय सूत्रों के अनुसार इन तीनो की हरकतें संदिग्ध थीं इसलिए इन पर सेना की विशेष नजर थी .. इनकी मौत के बाद एक बार फिर से तत्कालीन सरकार ने अपने सेकुलरिज्म के सिद्धांतो को लागू करवाया और इस पूरे मामले की जांच करवाई .

इस जांच के बाद जो सामने आया वो किसी के भी रोंगटे खड़े कर देने के लिए काफी था . इस भारत की सेना के २ जांबाज़ आफरों कर्नल डी के पठानिया और कैप्टन उपेन्द्र ही नहीं बल्कि सूबेदार सतबीर सिंह, हवलदार बीर सिंह, सिपाही चंद्रभान, सिपाही नागेंद्र सिंह और सिपाही नरेंद्र सिंह को दोषी पाया गया .. इस मामले में फौजी अफसरों की  वर्दी  उतरवा ली गई थी और उन सभी सैनिको को अंतिम सांस तक जेल काटने की सजा मिली ..इस फैसले  से सेना स्तब्ध   हो गयी थी .. यहाँ ये ध्यान रखना जरूरी है कि भारत के इन सभी जवानो को मिली सजा में जनरल हुड्डा की सबसे बड़ी भूमिका था और वो कश्मीरियों को ये संदेश देने में सफल रहे थे कि भारत के अन्दर एक सेकुलर सरकार शासन कर रही है .


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