बेटे को अजमेर की ताबीज पहनाने वाले सेकुलर पिता सुनील सिंह ने झगड़े के बाद कहा – “हिन्दुओ ने मुसलमान समझ कर मार डाला”


कुछ समय पहले तक दिल्ली में अंकित के पिता की धर्मनिरपेक्षता पूरे भारत में गूंजी थी , उस समय एक हिन्दू पिता जिसके जवान फोटोग्राफर बेटे को एक मुस्लिम लड़की से प्यार करने के अपराध में बेरहमी से मार डाला गया था. उसके बाद भले ही समाज में तनाव फैला था लेकिन अंकित के पिता आगे बढ़ कर एक सच्चे सेक्युलर का फर्ज निभाए थे और अपने घर में रोजा इफ्तार आदि के आयोजन लगातार करवा रहे हैं.. अब उसी प्रकार से एक अन्य पिता निकला है सच्चे सेकुलर के रूप में.

ध्यान देने योग्य है कि दिल्ली में साहिल नाम के एक लड़के की हत्या हो गई है . दिल्ली पुलिस ने विधिवत जांच के बाद कहा है कि ये आपसी झगड़े में आई चोट के बाद मृत्यु का मामला है जिस पर दिल्ली पुलिस कार्यवाही भी कर रही है लेकिन साहिल के पिता सुनील सिंह एक ऐसा एंगल पेश करने की कोशिश कर रहे हैं जो उनको भारत के तमाम बुद्धिजीवियों की नजर में एक बड़ा नाम के रूप में स्थापित कर सकता है.. यहाँ साहिल के पिता सुनील एंगल दे रहे हिन्दू मुस्लिम का..

ये मामला है दिल्ली के जफराबाद का. इसी मामले में एक तरफ, साहिल की मां संगीता का कहना है कि उनका बेटा 31 अगस्त को अपने एक दोस्त के भाई की मदद के लिए गया था, जिसका संजय चंद्रभान नाम के एक व्यक्ति और उसके नाबालिग लड़के से झगड़ा हो गया.. दूसरी तरफ, साहिल के पिता सुनील सिंह का कहना है-  ‘उन्होंने सोचा था कि वो मुस्लिम है.. ‘साहिल के माता-पिता दोनों ने दावा किया है कि हमला करने वालों ने साहिल को मुस्लिम समझकर बुरी तरह पीटा था.

सुनील ने कहा है कि उनका पक्के तौर पर मानना है कि ‘पंडितों वाली गली’ के हमलावरों ने साहिल को इसलिए मारा क्योंकि उन्होंने उसे मुस्लिम समझ लिया था. साहिल के पिता सुनील के इस बयान का कई राजनेता अपने हिसाब से उपयोग कर रहे है . कोई इसको मॉब लिंचिंग का नाम दे रहा तो किसी ने इसको न्यू इण्डिया की तस्वीर बताया .. यहाँ ये ध्यान रखने योग्य है कि सेक्युलर विचारधारा के सुनील सिंह अपने बेटे को एक ताबीज पहनाते थे जो अजमेर दरगाह की थी .. ये परिवार अजमेर के दरगाह वाले पीर का भक्त बताया जा रहा है..


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