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असम में बहुत खून बहाया है इस्लामिक आतंकी दल MULTA ने. बंगलादेशियो का वो आतंकी दल जो बनाना चाहता है भारत को इस्लामिक मुल्क

खूब बदनामी की गयी बोडो और उल्फा की और ऐसा माहौल बनाया गया जैसे उन्हें छोड़ कर बाकी पूर्वोत्तर में सब ठीक चल रहा है . पूर्वोत्तर राज्यों की फैली अशांति के पीछे अक्सर तमाम माध्यम उल्फा , बोडो इत्यादि समूहों का ही हाथ बताते हैं , आइए जानते हैं आसाम को आतंक की आग में जला रहे एक ऐसे आतंकी समूह के बारे में जिसका नाम आप ने शायद ही पहले किसी अन्य माध्यम से सुना हो.. इन तमाम घटनाओ को जान कर आप न सिर्फ पूर्व के झोलाछाप इतिहासकारों को दोष देंगे अपितु वर्तमान के उन नकली बुद्धिजीवियों को भी कोसेंगे जो आप को वर्तमान से परिचित नहीं होने दे रहे हैं .

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मुस्लिम यूनाईटेड लिबरेशन टाइगर्स ऑफ असम .. ये वो नाम है जिस नाम में पहला सबब्द मुस्लिम है ..उसको असम में MULTA नाम से भी जाना जाता है जिसमे ज्यादातर वो बंगलादेशी घुसपैठिये हैं जिन्हे कभी भारत में दया दिखा कर रखा गया था . , क्या इस संगठन का नाम आज तक आप ने किसी भी नेता , अभिनेता , बुद्धिजीवी या तथाकथित सेकुलर के मुँह से सुना है ? यकींनन नहीं , मीडिया के ख़ास वर्ग ने भी इस मुद्दे पर निभाए थे स्वघोषित धर्मनिरपेक्षता के सिद्धांत और सिर्फ एक हल्ला मचता रहा की बोडो ही वहां के शत्रु हैं . जबकि सच तो ये है की बोडो असम की भूमि को अपने प्राणो से भी ज्यादा प्यार करते हैं . उन्होंने कुछ कश्मीरी गद्दारों की तरह कभी भी भारत में कोई और देश को जिंदाबाद नहीं बोला और न ही कभी पाकिस्तानी या कोई और देश के झंडे लहराए . यद्द्पि सुदर्शन न्यूज बोडो द्वारा की गयी किसी भी प्रकार की हिंसा का किसी भी हाल में समर्थन नहीं करता है .

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मुस्लिम यूनाईटेड लिबरेशन टाइगर्स ऑफ असम (MULTA) इस्लामिक चरम पंथियों का एक बेहद घातक और खतरनाक समूह है जो 1996 में आसाम में बना था , पुष्ट सूत्रों के अनुसार इस आतंकी समूह को पाकिस्तान की इंटर सर्विसेज इंटेलिजेंस ( ISI ) का पूरा सहयोग और समर्थन प्राप्त है। भारत की सुरक्षा एजेंसियों के अनुसार यह आतंकी समूह पूरे आसाम व् उसके आस पास के निकट प्रदेशों में अपनी आतंकी व् आपराधिक गतिविधियों को संचालित करता रहता है , इस आतंकी संगठन का मुख्य केंद्र असम का धुबरी क्षेत्र है जहां बंग्लादेशी घुसपैठिये भारी संख्या में जमे हैं , पर इसकी अत्यधिक सक्रियता नौगांव , मोरीगांव और दरांग जिलों में भी बढ़ी है..

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गैर कानूनी हथियारों का व्यापार , फिरौती , अपहरण इत्यादि इस आतंकी संगठन के प्रमुख आपराधिक और आतंकी कार्य हैं. बंगलादेशी आतंकियों के सम्पर्क में इसे हमेशा से माना जाता रहा है.. गैर मुस्लिमों के विरुद्ध जिहाद , सेना पर हमले , भारत सरकार के विरुद्ध युद्ध व् आसाम में पूर्ण इस्लामिक शासन का प्रयास इस आतंकी संगठन का प्रमुख कार्य है. 16 दिसम्बर 2009 के भारतीय सुरक्षा बलों ने इस आतंकी समूह के एक प्रमुख सदस्य कासिम अली को बाग्लादेश की सीमा से घातक अस्त्रों के साथ गिरफ्तार किया था. साथ ही 20 अप्रैल 2009 को आसाम पुलिस ने इस आतंकी समूह के 2 कुख्यात आतंकियों बौल अली और यूनुस अली को मार गिराया था. बोडो हिन्दुओ और बंगलादेशी आक्रांताओं के बीच हुए हिंसक दंगे में भी इस आतंकी समूह की रक्तरंजित भूमिका बताई जा रही है .

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फिर भी आज भी ये आतंकी संगठन लगातार अपनी आतंकी गतिविधियों को संचालित करते हुए आसाम में फैली अशांति का एक बहुत बड़ा कारक बना हुआ है , साथ ही इसका विस्तार तेजी से असम के अन्य क्षेत्रों में होता जा रहा है जो भारत की एकता और अखंडता के लिए भविष्य में बहुत बड़ा खतरा है. इतना ही नहीं इसको मानव तस्करी और बंगलादेशी घुसपैठ करवाने में भी दोषी माना जाता है . आश्चर्य का विषय यह है कि इतने वर्षों से सक्रिय इतने खूंखार आतंकी संगठन की चर्चा कभी भी , किसी ने भी नहीं की. लेकिन हमने अपनी जिम्मेदारी को समझा और आप को उस सच से वाकिफ करवाया जो आप के लिए जानना था बेहद जरूरी.

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