Breaking News:

बेहद आधुनिक विचारों की पूजा सिंह भगा दिया करती थीं भगवा गमछे वालों को डांट कर.. फिर एक दिन उसे मिला कामरान और जानिए अब किस हालत में हैं वो ?

वो बेहद आधुनिक लडकी थी जिसको हिन्दू मुस्लिम से कोई फर्क नहीं पड़ता था . वो खुद को पढ़ी लिखी और ये सब बातें करने वालों को अनपढ़ और पिछड़ी दुनिया वाला कहा करती थी.. उसको केवल इन्सान और इंसानियत की बातें पसंद थी और दिन भर प्यार मोहब्बत वाले संदेश व्हाट्सएप और अपने सोशल प्रोफाइल पर भेजा करती थी . यद्दपि उस लडकी के पिता ने भी उसको धर्मनिरपेक्षता की ही शिक्षा दी थी लेकिन उनको पता भी नहीं था कि ये दिन देखने को मिलेंगे ..

हिन्दू और हिंदुत्व की बातें उसके लिए मात्र पूजा पाठ आदि हुआ करती थी .. व्रत आदि वो भी रखती थी लेकिन जब कोई कट्टर हिन्दू मिलता था तो वो उसको ये कह कर भगा दिया करती थी कि उसको ज्ञान न दें… अपनी आधुनिकता के चलते ही आख़िरकार उसको एक दिन कामरान मिला और कामरान को ही उसने मानवता और मानव आदि के सिद्धांतो से अपना लिया.. इसी के साथ उसने सबकी बातों को दरकिनार कर दिया और कामरान से निकाह कर लिया .

निकाह के समय पूजा के पिता ने रोकने की कोशिश की लेकिन पूजा ने अपने पिता से सवाल किया कि हिन्दू मुस्लिम भाई भाई की शिक्षा उन्होंने तो ही दी थी . आखिरकार निकाह के बाद पूजा का हुआ ऐसे सच से सामना जो उसे उसके माता पिता ने भी कभी नहीं बताया था और न ही उसने वो रूप किसी किताब में पढ़ा था . पूजा ने बताया कि रविवार (१ सितंबर, २०१९) को वो अपने मायके में थी। वहाँ उसके पति और ससुर आए और उसके साथ गाली-गलौच करने लगे.

सिर्फ गाली गलौज ही नहीं , पूजा को कहा गया कि अगर उसे अपना दांपत्य जीवन बिताना है तो वो इस्लाम कबूल कर ले। इस घटना की शिकायत पीडिता ने थाने जाकर की। पूजा ने बताया कि उसके पति कामरान के अब्बा अली अहमद खान ने पूजा को ताने देना शुरू कर दिया कि वो मुसलमान है, इसलिए हिन्दू रीति-रिवाज को न माने। उसकी जेठानी साजिया खान ने पूजा को प्रताडित करते हुए कहा कि वो अपनी नौटंकी (पूजा-पाठ) बंद करे।

पूजा के आरोप के अनुसार, २० जून २०१७ को जब वो मंदिर में पूजा करने गई तो उसके ससुर अली अहमद ने उसका सारा सामान फेंक दिया और कहा कि वो मुसलमान है इसलिए मुस्लिमों की तरह रहे, और हिन्दू धर्म को मानने का ड्रामा बंद करे। पूजा सिंह ने अपनी शिकायत में आरोप लगाया कि उसने कामरान अहमद के साथ २ जुलाई, २०१३ को शादी की थी। शादी के समय उसने शपथ पत्र दायर किया था कि वो हिन्दू रीति-रिवाज को मानेगी और उस पर धर्मांतरण के लिए किसी भी तरह का दबाव नहीं बनाया जाएगा।

Share This Post