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जानिये किन किन राज्यों ने बढती आबादी पर सुरेश चव्हाणके जी के प्रयासों से जताई है सहमति और लागू किये अपने राज्यों में कड़े कानून

हिन्दू तथा हिंदुस्तान के वजूद को बचाने के लिए सुदर्शन लंबे समय से जिस आवाज को उठाता रहा है, उस आवाज को समय समय पर साथ मिला है कई राज्य सरकारों का और केन्द्रीय मंत्रियों व सांसदों का भी ..हिन्दू तथा हिंदुस्तान के भविष्य को बचाने वाली ये वो आवाज है देश में “जनसंख्या नियंत्रण कानून” की मांग. वो मांग जिसके लिए सुदर्शन टीवी के प्रधान संपादक तथा राष्ट्र निर्माण संस्था के चेयरमैन श्री सुरेश चव्हाणके जी ने पिछले साल कश्मीर से कन्याकुमारी से दिल्ली के बीच 20 हजार किलोमीटर की 70 दिवसीय भारत बचाओ यात्रा निकाली थी.

“हम दो हमारे दो तो सबके दो” के मिशन के तहत “जनसंख्या नियंत्रण कानून” की मांग के लिए सुदर्शन टीवी के प्रधान संपादक श्री सुरेश चव्हाण जी ने जो संघर्ष किया है, जो अथक प्रयास किये तथा इस मांग को राष्ट्र की मांग बनाया है वो अभी प्रयास अब सफलता की ओर बढ़ते हुए नजर आ रहे हैं तथा उन सभी प्रयासों को काफी पहले ही उत्तराखंड सरकार का साथ मिला गया था ..मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत के नेतृत्व वाली उत्तराखंड की बीजेपी सरकार ने जनसंख्या नियंत्रण कानून की दिशा में बड़ा कदम उठाया था .

“हम दो हमारे दो तो सबके दो” के मिशन के तहत “जनसंख्या नियंत्रण कानून” की मांग के लिए सुदर्शन टीवी के प्रधान संपादक श्री सुरेश चव्हाण जी ने जो संघर्ष किया है, जो अथक प्रयास किये तथा इस मांग को राष्ट्र की मांग बनाया है वो अभी प्रयास अब सफलता की ओर बढ़ते हुए नजर आ रहे हैं तथा उन सभी प्रयासों को उत्तराखंड सरकार का साथ मिला है. मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत के नेतृत्व वाली उत्तराखंड की बीजेपी सरकार ने जनसंख्या नियंत्रण कानून की दिशा में बड़ा कदम उठाया है..

इसके अलावा “जनसंख्या नियंत्रण कानून” की मांग के लिए सुदर्शन ने जो संघर्ष किया है तथा देश को जागरूक किया है, उस को जान कर कुछ समय पहले असम सरकार ने कड़े कदम उसी रिपोर्ट के आधार अपर उठाये थे .. मुख्यमंत्री सर्बानंद सोनोवाल के नेतृत्व वाली असम की बीजेपी सरकार ने जनसंख्या नियंत्रण कानून की दिशा में बड़ा कदम उठाया है. खबर के मुताबिक़, असम सरकार ने फैसला लिया है कि जिस भी व्यक्ति के दो से ज्यादा बच्चे होंगे वह राज्य में ग्राम प्रधान का चुनाव नहीं लड़ सकेगा. असम के मुख्यमंत्री सर्वानंद सोनोवाल ने कैबिनेट मीटिंग में महत्वपूर्ण फैसला लेते हुए कहा कि जिस व्यक्ति के दो बच्चे से ज्यादा होंगे वो गांव बुढ़ा (ग्राम प्रधान) का चुनाव नहीं लड़ सकेगा. सोमवार को कैबिनेट बैठक के दौरान यह निर्णय लिया गया. इसके साथ ही असम सरकार ने पंचायत प्रमुख बनने के लिए न्यूनतम आयु को मौजूदा 35 वर्ष से घटाकर 25 वर्ष करने का निर्णय लिया है..

जन जन तक बात पहुचाने के लिए जम्मू से कन्याकुमारी तक तमाम अवरोधों के बाद भी कई विषम हालात में जाने वाले चव्हाणके जी की बुलन्द आवाज को अब उत्तर प्रदेश सरकार ने एक योजना में आख़िरकार लागू ही कर दिया था . ऐसा माना जा सकता है कि भविष्य में उत्तर प्रदेश हम २ हमारे २ तो सबके २ नियम का पायलट जिला बन सकता है क्योकि खुद योगी आदित्यनाथ कभी जनसंख्या नियंत्रण कानून के सख्त पक्षधर हुआ करते थे . कन्या सुमंगला योजना का फायदा उन परिवारों को ही मिलेगा जिनके केवल दो बच्चे ही है।


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