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जिन दरगाहों पर हिन्दू जाते रहे भक्त बनकर, उन दरगाहों का उन्हीं के खिलाफ उपयोग कर रहा था अली असगर

सर्वधर्म समभाव की कथित जिस थ्योरी के वशीभूत होकर हिन्दू समाज के लोग उन दरगाहों पर जाते रहे, लेकिन वो नहीं जानते थे कि इन दरगाहों का उपयोग न सिर्फ उनके खिलाफ बल्कि उस भारत देश के खिलाफ भी किया जा रहा था, जिस भारत देश को वह मां कहते हैं, भारतमाता कहते हैं. इसका खुलासा उस पाकिस्तानी संदिग्ध ने किया है, जिसे हाल ही में हरियाणा के अंबाला से गिरफ्तार किया गया है.

अम्बाला कैंट स्टेशन से सुरक्षा एजेंसियों के हत्थे चढ़े पाकिस्तानी संदिग्ध को लेकर सनसनीखेज खुलासे हुए हैं. उसका नाम अली मुर्तजा असगर है. उसके पास यहां का वीजा नहीं था. तलाशी के दौरान उससे मोबाइल, सिम और बैग बरामद किए गए. उसके पास 3 सिमकार्ड थे, जो किसी ने उसके लिए हैदराबाद से जारी करवाए थे. पूछताछ में उसने हैरान करने वाला कुबूलनामा किया है. अली मुर्तजा ने कबूला कि दरगाहाें के बहाने वह 3 साल में 9 बार भारत आया था. इस कबूलनामे के बाद जांच एजेंसियों के होश उड़ गये हैं.

इसके बाद पुलिस ने उसे फॉरेनर एक्ट के तहत कोर्ट में पेश किया जहाँ से उसे 10 दिन की रिमांड पर भेज दिया गया. पुलिस अधीक्षक अभिषेक जोरवाल ने बताया कि पाकिस्तानी के पास उन्हें जो सिम बरामद हुए हैं, वो कुछ ऐसी भारतीय महिलाओं के नाम पर हैं, जिनकी दोस्ती इससे फेसबुक पर हुई थी. फिलहाल पुलिस यह जानने में जुटी है कि अली मुर्तजा असगर किससे मिलने अम्बाला आया था. उसके पास भारत के कुछ शहरों के वीजा डॉक्यूमेंट्स भी मिले हैं.

भारत में पाकिस्तानी आतंकियों के घुस आने का इनपुट भी एजेंसियों ने दिया है. खुफिया एजेंसियों ने अलर्ट जारी करते हुए सूचित किया कि चार पाकिस्तानी देश के अंदर दाखिल हुए हैं. तभी से उन संदिग्ध घुसपैठियों की तलाश की जा रही है. अंदेशा जताया जा रहा है कि अम्बाला कैंट स्टेशन पर पकड़ा गया अली मुर्तजा असगर उन्हीं में से एक हो सकता है. पकड़े गए इस पाकिस्तानी शख्स के बारे में जानने के लिए गुजरात और हैदराबाद पुलिस की मदद ली जा रही है. वह पाक खुफिया एजेंसी आईएसआई का एजेंट हो सकता है.

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