अनपढ़ नहीं बल्कि पूर्व IAS है शाह फैसल.. वो जितना बड़ा अधिकारी था उतना ही बड़ा नुकसान करने की तैयारी थी


शाह फैसल वैसे तो कोई अनजाना नाम नहीं है. जब कश्मीरी मुस्लिम शाह फैसल ने IAS टॉप किया तो वह न सिर्फ कश्मीरी बल्कि देशभर युवाओं की प्रेरणा बन गया था. उम्मीद थी कि IAS बनकर शाह फैसल भारत की सेवा करेगा लेकिन उसने हैरान करने वाला फैसला लेते हुए IAS से इस्तीफा दिया तथा राजनैतिक पार्टी बनाई. राजनीति करने तक भी ठीक था लेकिन वो सिर्फ राजनीति करने के लिए नहीं बल्कि अलगाववादी कृत्यों के लिए राजनीति में आया है.

जम्मू कश्मीर से धारा 370 हटाए जाने के बाद जिस तरह से शाह फैसल ने उन्मादी बयान दिए हैं तथा कार्य किये हैं, उसने इस बात को साफ़ किया है कि शाह फैसल अलगाववाद का नया रूप है. इस बात पर मोहर उस समय लगी जब शाह फैसल को दिल्ली में उस समय गिरफ्तार किया गया जब वह विदेश जाने की तैयारी कर रहा था. खबर मिली है कि शाह फैसल अगर 14 अगस्त को दिल्ली में नहीं पकड़ा गया होता तो वह भारत का बड़ा नुकसान करने वाला था.

जानकारी मिली है कि अगर शाह फैसल को न पकड़ा गया होता तो वह इंटरनेशनल कोर्ट ऑफ जस्टिस (आइसीजे) में भारत के खिलाफ मामला दर्ज करा चुका होता. वह अनुच्छेद-370 समाप्त करने के केंद्र सरकार के फैसले के खिलाफ ICJ में याचिका दायर करने वाला था. सूत्रों ने बताया है कि शाह फैसल को गत बुधवार को दिल्ली में उस समय पकड़ा गया था जब वह तुर्की के लिए रवाना होने वाला था. वह तुर्की के बाद (हेग) नीदरलैंड जाने वाला था ताकि आईइसीजे में भारत के खिलाफ मामला दर्ज करा सके. हालांकि संयुक्त राष्ट्र के चार्टर के मुताबिक कोई भी आम आदमी निजी हैसियत से आइसीजे में केस दायर नहीं कर सकता है.


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