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फहीम सिर्फ JE था जूनियर इंजीनियर, लेकिन पैसा था उसके पास रजवाड़ों जितना.. आखिर कहाँ से कमाया इतना पैसा ?


फहीम JE था… जी हाँ जूनियर इंजीनियर था फहीम.. फहीम आज रिटायर हो चुका है जिसकी तैनाती उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद जिले के साहिबाबाद क्षेत्र स्थित डिवीजन चार के अंतर्गत आने वाले बिजली घर राजेंद्र नगर पर भी है. कहने को  फहीम सिर्फ एक जेई था लेकिन उसके पास संपत्ति इतनी है, जितनी रजवाड़ों तक के पास नहीं होती. सवाल यही है कि जेई के पद पर तैनात रहते हुए फहीम उल बारी ने इतनी अकूत संपत्ति कहाँ से अर्जित की. इससे भी बड़ा सवाल ये है कि सब फहीम की कली कमाई सामने आ चुकी है तो उसजके खिलाफ जांच कर कार्यवाई क्यों नहीं की जा रही है ?

मीडिया सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक़, फहीम का एक फ्लैट राजेंद्र नगर में खेतान पब्लिक स्कूल से आगे है, दूसरा फ्लैट वृंदावन ग्रीन सोसाइटी में है, जिसका फ्लैट नंबर-1015 है, जिसकी मौजूदा बाजारी कीमत लगभग 60 से 70 लाख रुपए है, इनका एक फ्लैट नैनीताल में भी है, एक प्लाट इसका साहिबाबाद के शहीद नगर में भी है. राजेन्द्र नगर में इसके पास एक जिम भी है. इसके पास दो गाड़ियां हैं जिनमें से एक मारुति सियाज जिसका नंबर DL-CN-4683  ZDI+ है जिसकी कीमत 12 से 14 लाख रुपए है, वहीं दूसरी गाड़ी स्विफ्ट डिजायर है जिसकी कीमत 7-8 लाख रुपए है जो इसने आयकर विभाग से बचने के लिए उत्तराखंड से खरीदी हुई है जो कि उत्तराखंड नंबर है.

फहीम के पास ऐसी कितनी और प्रॉपर्टी हैं उसके बारे में भी पता किया जा रहा है. सोचने वाली बात यह है कि एक जेई के पास इतनी प्रॉपर्टी और गाड़ियां कहां से आईं. 40 से 50 हजार तनख्वाह होने के बावजूद फहीम के पास करोड़ों रुपए से अधिक की प्रॉपर्टी कैसे है यह जाँच का विषय है. मीडिया सूत्रों से मिली खबर के मुताबिक़, पूर्ववर्ती सपा सरकार में फहीम की सपा नेता आज़म खान से घनिष्ठता थी. आजम खान से घनिष्ठता का फहीम उल बारी ने पूरा फायदा उठाया तथा बिजली चोरी करवा के लाखों करोड़ों बटोरे.

जानकारी मिली है कि फहीम ने उगाही का एक पूरा सिंडीकेट खड़ा किया हुआ था. फहीम उल बारी अब रिटायर हो चुका है. बताया जा जा रहा है कि रिटायरमेंट के बाद फहीम यूनियन का लीडर बनकर उच्चाधिकारियों पर दबाव बनाकर अपने बिजली चोरी के सिंडिकेट को संरक्षण दे रहा है, जिसमें डिवीजन 04 के अधिशासी अभियंता का भी पूरा समर्थन है. ये दोनों मिलकर गाजियाबाद विद्युत विभाग को भारी चूना लगा रहे हैं. जनहित में अगर इस प्रकरण की जांच कराई जाये तो इस फईम की सारी प्रॉपर्टी और इसके पूर्व में किये गये तथा वर्तमान में यूनियन लीडर का चोला ओढ़कर किये जा रहे भ्रष्टाचार और उगाही का खुलासा हो सकता है.

अपने आप को आजम खान तथा समाजवादी पार्टी का करीबी बताकर आज तक बचते आये, तथा आपराधिक षड्यंत्र रचकर सरकार के करोड़ों रूपये के राजस्‍व (रेवन्यू) को चट कर जानेवाले एक पूर्व भ्रष्ट अधिकारी का का पर्दाफाश हो सकता है. फिलहाल इसकी पूरी शिकायत उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री पोर्टल पर की जा चुकी है. देखना ये होगा कि इस शिकायत के आधार पर भ्रष्ट तरीके से काली कमाई का भंडार भर चुके फहीम के खिलाफ कार्यवाई होती है या नहीं.

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