2021 में इसरो करेगा वो सब, जो अब तक कर पाए केवल अमेरिका, रूस और चीन ही.. संदेश साफ़- “संसार हमारा है”

भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) के अध्यक्ष के. सिवन ने एलान किया है कि 2021 में भारत वो करेगा जो अब तक केवल अमेरिका, रूस तथा चीन ही कर पाए हैं. इसरो चीफ के. सिवन ने कहा है कि भारत 2021 में अंतरिक्ष में इंसान भेजने जा रहा है. उन्होंने कहा है कि भले ही चंद्रयान-2 के लैंडर विक्रम की सॉफ्ट लैंडिंग नहीं हो सकी लेकिन इससे मिशन ‘गगनयान’ पर कोई फर्क नहीं पड़ने वाला है. बता दें कि इसरो 2020 में पहला मानव रहित मिशन और 2021 में मानव सहित मिशन भेजने की तैयारी में है.

इसरो चीफ के. सिवन ने चंद्रयान 2 को लेकर कहा कि चन्द्रयान-2 का ऑर्बिटर साढ़े सात वर्षों तक डेटा देगा. उन्‍होंने कहा, ‘चंद्रमा मिशन की सभी प्रौद्योगिकियां सॉफ्ट लैंडिंग को छोड़कर सटीक साबित हुई हैं. क्या यह सफल नहीं है?’ सिवन ने आईआईटी, भुवनेश्वर के आठवें दीक्षांत समारोह को संबोधित करते हुए कहा, ‘दिसंबर 2020 तक हमारे पास मानव अंतरिक्ष विमान का पहला मानव रहित मिशन होगा. हमने दूसरे मानव रहित मानव अंतरिक्ष विमान का लक्ष्य जुलाई 2021 तक रखा है.’

इसरो प्रमुख ने कहा, ‘दिसंबर 2021 तक पहला भारतीय हमारे अपने रॉकेट द्वारा ले जाया जाएगा, यह हमारा लक्ष्य है जिस पर इसरो काम कर रहा है. भारत के लिए गगनयान मिशन बहुत महत्वपूर्ण है क्योंकि यह देश की विज्ञान और प्रौद्योगिकी क्षमता को बढ़ावा देगा इसलिए, हम एक नए लक्ष्य पर काम कर रहे हैं.’ इसरो के प्रमुख के सिवन ने कहा गगनयान प्रोजेक्ट के तहत दिसंबर 2020 में पहला मानव रहित अंतरिक्ष यान भेजा जाएगा. जुलाई 2021 में दूसरा मानव रहित अंतरिक्ष यान अंतरिक्ष में भेजा जाएगा. इसके बाद तीसरा अंतरिक्ष यान दिसंबर 2021 में इंसान को लेकर अंतरिक्ष में रवाना होगा. यह भारत का पहला मानव मिशन होगा। खास बात तो यह है कि इसे स्वदेशी रॉकेट के द्वारा लॉन्च किया जाएगा.

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