गणतंत्र दिवस पर भारत माता की जय व वन्देमातरम कहने पर ये रहा इस्लामिक केंद्र दारुल उलूम का जवाब

जहां एक तरफ पूरे भारत मे आज गणतंत्र दिवस कप पूरे धूमधाम से मनाया जा रहा है तो वहीं आज के ही दिन देवबंद ने दिखा दिए है तेवर..धर्मनिरपेक्षता के तमाम ठेकेदारों को अचानक ही खामोश करते हुए देवबंद ने एलान कर दिया है कि इस पर्व पर वो अपनी शर्तों पर ही कार्य करेगा..यद्द्पि यहां ये ध्यान देने योग्य ये है कि आज का दिन किसी भी धर्म, मत या मज़हब के व्यक्ति का पर्व नही बल्कि उन तमाम भारतीयों का पर्व है जो भारतीय होने पर गर्व करते हैं ..

गणतंत्र दिवस के मौके पर राष्ट्रभक्तों के उद्घोष भारत माता की जय या वंदे मातरम के सवाल पर देवबंद के उलेमा तिखी प्रतिक्रिया देते हुए नजर आए. देवबंदी उलेमा मुफ्ती तारीक कासमी ने कहा, ‘इस्लाम में अल्लाह के सिवा किसी और की इबादत नहीं की जाती. भारत माता की जय में एक मूर्ति का रूप आ गया है, इसलिए भारत माता की जय नहीं बोल सकते है, फिर चाहे वो मुसलमान मदरसे के पढ़ने वाले छात्र हो, चाहे कोई भी अन्य व्यक्ति हो.’

उलेमा का कहना हैं कि सबसे बड़ी बात तो यह है कि क्या नारे लगाने से देश भक्ति का इजहार होता है ? अगर वही चीज आप अंग्रेजी में बोलें, वही चीज आप उर्दू में बोलें, वही चीज आप हिंदी में बोलें जबकि उसका अर्थ एक होता है तो क्या फर्क पड़ता है.

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