सांसद बनने के बाद साध्वी प्रज्ञा ठाकुर ने किया ऐसा एलान कि लोग बोले- “साध्वी जिंदाबाद”

2019 के लोकसभा चुनावों में मध्यप्रदेश की भोपाल लोकसभा सीट देश की सबसे हॉट सीटों में से एक सीट थी. भोपाल लोकसभा सीट से कांग्रेस की तरफ से वो दिग्विजय सिंह चुनावी मैदान में थे, जिन्होंने सनातन पर सबसे बड़ा आघात करते हुए “हिन्दू आतंकवाद-भगवा आतंकवाद” की छद्म थ्योरी गढ़ने का प्रयास किया था तो वहीं उनके मुकाबले बीजेपी ने उन साध्वी प्रज्ञा ठाकुर को उतारा था जो दिग्विजय सिंह की कथित भगवा आतंक की थ्योरी का शिकार हुईं तथा जिन्होंने करीब 9 वर्षों तक इसके लिए अंतहीन प्रताड़ना झेली लेकिन सनातन को झुकने न दिया था.

इसके बाद जब भोपाल लोकसभा सीट से दिग्विजय सिंह तथा साध्वी प्रज्ञा आमने-सामने हुए तो देशभर की निगाहें भोपाल सीट पर टिक गईं. सभी के मन में एक ही सवाल था कि भोपाल से भगवा को आतंकी बताने वाले दिग्विजय सिंह जीतेंगे या फिर भगवा के सम्मान के लिए अंतहीन प्रताड़ना झेलने वाली साध्वी प्रज्ञा. 23 मई को जब चुनाव परिणाम आये तो वही हुआ जिसका अंदाजा था. भोपाल ने दिग्विजय को नकार दिया तथा साध्वी प्रज्ञा को अपना सांसद चुन लिया था. भगवाधारी साध्वी प्रज्ञा ठाकुर ने भगवा को आतंक बताने वाले दिग्विजय को साढ़े तीन लाख से ज्यादा वोटों से हरा दिया तथा सांसद बन गईं.

भोपाल से सांसद बनने के बाद साध्वी प्रज्ञा ठाकुर ने ऐसा एलान किया है जिससे लोग उनकी तारीफ़ करते हुए नहीं थक रहे हैं. साध्वी प्रज्ञा सिंह ठाकुर ने एलान किया है कि वह सांसद के तौर पर मिलने वाला वेतन नहीं लेंगी बल्कि इस वेतन को वह देश और जरूरतमंदों के लिए दान करेंगी. मंगलवार को गाजियाबाद के एएलटी सेंटर में अमर हुतात्मा वीर सावरकर जी की जन्मजयंती पर कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि साध्वी प्रज्ञा ठाकुर ने कहा कि जिस तरह से वह पहले से ही अपना जीवनयापन करती आई हैं ठीक वैसे ही आगे भी करेंगी.

साध्वी प्रज्ञा ठाकुर ने कहा कि भिक्षा में मिले भोजन और वस्त्र से वह अपना जीवनयापन करेंगी. कार्यक्रम में प्रस्तुत किए गए दो प्रस्तावों स्कूलों में सैन्य प्रशिक्षण शामिल करने और जनसंख्या नियंत्रण कानून को लागू करने पर उन्होंने कहा कि सैन्य प्रशिक्षण को लेकर जहां भी समर्थन की बात होगी वह अपना समर्थन देंगी, जबकि जनसंख्या नियंत्रण कानून लागू करने पर साध्वी प्रज्ञा ने कहा कि संविधान के अनुसार इस पर चर्चा होनी चाहिए तथा देशहित में कोई भी कदम उठाना चाहिए. जेल में खुद को मिले कष्टों को लेकर साध्वी प्रज्ञा ने कहा कि ये कष्ट देश पर कुर्बान होने वाले वीर-वीरांगनाओं को मिले कष्टों से कम हैं

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