केंद्र और राज्य की सत्ता को चुनौती दे कर अमेठी भाजपा नेता सुरेन्द्र के दुस्साहसिक हत्याकाण्ड में नाम आया वसीम और नसीम का

जिस हत्याकांड ने भारत के कोने कोने को अमेठी की तरफ झाँकने के लिए मजबूर कर दिया . जिन गोलियों की गूँज भारत के हर हिस्से तो दूर संसद के अन्दर तक सुनाई दी अब उसी मामले में सामने आने लगे हैं वो नाम जो साबित करते हैं वो तमाम बातें जो नसरुद्दीन शाह , ओवैसी और जावेद अख्तर जैसे वैचारिक उन्मादियो के तमाम सवालों के जवाब अपने आप हैं कि डरा कौन है … प्रदेश में भारतीय जनता पार्टी की सरकार होते हुए भी केंद्र में भाजपा की जीत होते ही दी गयी ये चुनौती राष्ट्र को मिली चुनौती के जैसी है .

विदित हो कि उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पुलिस को सीधा आदेश दिया है कि वो किसी भी हाल और किसी भी रूप में अमेठी भाजपा के नेता सुरेन्द्र सिंह के हत्यारों को बिना देर किये गिरफ्तार करें .. पुलिस की शुरुआती जांच में कई नाम निकल कर आने भी लगे हैं जो तब से फरार चल रहे हैं . इनमे कांग्रेस का एक नामी नेता है जो वहां का BDC सदस्य भी है और राहुल गांधी के लिए लगातार चुनाव प्रचार करता देखा भी गया है .. वो खुद को गांधी परिवार का करीबी भी बताता है .

इस BDC सदस्य के साथ अब तक जो 2 नाम प्रकाश में आये हैं वो सगे भाई हैं और उनके नाम हैं वसीम और नसीम . इन सभी के खिलाफ हत्या की धारा 302 और साजिश रचने की धारा 120 B के तहत मुकदमा दर्ज कर के सघन तलाशी अभियान चालू किया गया है . खुद पूर्व दिवंगत हुए पूर्व प्रधान सुरेन्द्र सिंह के परिजनों ने इस घटना में नामजद किये गये वसीम और नसीम को भागते हुए देखा था .. अब तक इस पूरे मामले में दोषी बनाए गये अभियुक्तों की संख्या 5 है जिनकी तलाश पुलिस की कई टीमें कर रही हैं .

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