हिंदुत्व की फिर एक नई परिभाषा बताई शशि थरूर ने.. वो परिभाषा जिसका छत्रपति शिवाजी महराज या महाराणा प्रताप जी के जीवन से कोई सम्बन्ध नहीं

इस से पहले इनकी गढ़ी गई कई बातें कांग्रेस के लिए वज्रपात से कम नहीं साबित हुई थी . इनके ज्यादातर निशाने पर हिन्दू और हिंदुत्व रहा .. भारतीय जनता पार्टी इनकी प्रतिद्वंदी पार्टी है लेकिन इनके बयानों से अक्सर ये साबित होता रहा कि इनकी प्रतिद्वंदिता हिन्दू और हिंदुत्व से है . भगवा आतंकवाद कहने वाली पार्टी से मंत्री रहने के बाद भी इन्होने कभी उस निंदनीय बयान का विरोध नहीं किया जबकि अपनी तरफ से हिन्दू तालिबान या हिन्दू पाकिस्तान जैसे शब्द रच डाले थे..

अब इन्ही शशि थरूर ने एक बार फिर से दी है हिन्दू और हिंदुत्व की ऐसी परिभाषा जो कम से कम हिन्दू शिरोमणि छत्रपति शिवाजी महराज या महान धर्मरक्षक महाराणा प्रताप के जीवन से ज़रा सा भी मेल नहीं खाती है.. अपने हिन्दू और धर्म विरोधी बयानो से कई बार कांग्रेस की फजीहत करवा चुके शशि थरूर क्या इस बार भी किरकरी का कारण बनेंगे हिन्दू समाज द्वारा उठे प्रतिरोध का ये तो आने वाले समय को निर्धारित करना है लेकिन इनके बयान से एक बार फिर से इनकी तरफ निगाहें घूम गई हैं .

शशि थरूर ने दावा किया है कि हिंदुत्व को राजनीतिक रूप से पेश करना कुछ और नहीं बल्कि हिंदू धर्म पर प्रहार है।नई पुस्तक ‘ द हिंदू वे- एन इंट्रोडक्शन टू हिंदुइज्म’ में उन्होंने हिंदू धर्म के बारे में ये नई परिभाषा दी है.. थरूर ने किताब में लिखा, हिंदू धर्म अपने खुलेपन, दूसरे विचारों का सम्मान करने और अन्य विश्वासों को स्वीकार करने के लिए जाना जाता है। यह एक ऐसा धर्म है जो अन्य धर्मों के भय के बिना डटा रहा। लेकिन यह वह हिंदुत्व नहीं है जिसने बाबरी मस्जिद तोड़ी, न ही यह सांप्रदायिक राजनीतिक नेताओं द्वारा घृणा भरे बोलों का वमन है


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