कभी योगी ने मुख्यमंत्री आवास पर छिड़का था गंगाजल तो हुआ था विवाद, पर अब कमलनाथ जो कर रहे हैं वो क्या है ?

कुछ समय पहले की ही बात है जब योगी आदित्यनाथ उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री बने थे..एक योगी होने के कारण उन्होंने गृह प्रवेश के समान इस अवसर पर बाकयदा विधि विधान से बंगले का पूजन किया..वहां गौमूत्र व गंगाजल आदि का छिड़काव किया और उसके बाद उसमें प्रवेश किया.. पर इसको बना दिया गया था विवाद का विषय और न सिर्फ मीडिया का एक खास वर्ग बल्कि कथित धर्मनिरपेक्षता के तमाम ठेकेदार इस मामले में कूद पड़े थे और ऐसी बयानबाजी हुई थी जो गूंजी थी काफी दिन तक सुर्खियां बन कर..ये समय था जब अखिलेश बंगले से बाहर आये थे और योगी उसमें प्रवेश कर रहे थे..लेकिन जानिए क्या हुआ जब मध्यप्रदेश के नवनिर्वाचित मुख्यमंत्री कमलनाथ को नए बंगले में प्रवेश करना है तो..

यहां ये ध्यान रखने योग्य है कि अब हर तरफ खामोशी है, कहीं से कोई भी किसी भी प्रकार की बयानबाजी भी नही है और सब खामोशी से सेकुलर समूह की एकता का प्रदर्शन यहां भी कर रहे हैं ..

वक्त है बदलाव का’ नारे के साथ सत्ता में आई कांग्रेस एक और अपने हिसाब से योजनाओं और विभागों के फेरबदल में लगी है. दूसरी और कांग्रेस ने सीएम हाउस के वास्तु को भी बदलने की तैयारी कर ली है. मुख्यमंत्री कमलनाथ सीएम हाउस में शिफ्ट होने के पहले सभी वास्तु दोषों का निवारण कर देना चाहते हैं जिसके लिए तैयारियां शुरु हो गयी हैं.

6 श्यामला हिल्स में मुख्यमंत्री बदलने के साथ अब मुख्यमंत्री के निवास में फेरबदल की कवायद शुरु हो गयी है. एक दशक से ज्यादा वक्त सत्ता का वनवास को काट कर आई कांग्रेस अब चीजों को अपने हिसाब से बदलने में लग गयी है. एक और जहां योजनाओं और विभागों में फेरबदल किया जा रहा है वहीं सीएम हाउस में भी बदलाव की तैयारी है, जिसके लिए पीडब्ल्यूडी ने श्यामला हिल्स को कॉर्पोरेट लुक देने और वास्तुदोषों के निवारण के लिए 1 फरवरी 2019 तक वास्तुविदों से प्रोपोजल मांगे हैं और प्रेजेंटेशन तैयार की जा रही है जिसे खुद सीएम कमलनाथ देखेंगे और उसके बाद ही काम और उसकी लागत तय की जाएगी. वहीं पंडितों की माने तो बदलाव जरुरी है क्योंकि जहां पर प्रदेश के मुखिया रहते हैं वहां सभी गृह अपना सकारात्मक प्रभाव डालें उसके लिए वास्तुदोषों का निवारण जरुरी है जिससे प्रदेश का विकास होता है.

वास्तुविदों ने सीएम हाउस में बदलाव को लेकर कुछ वास्तु उपाय भी सुझाए हैं. वास्तुविद का मानना है कि आंतरिक इंटीरियर के बदलाव के साथ एंट्री गेट को भी बदला जाना चाहिए और जनसुनवाई के लिए पहुंचने वाले लोगों को पूर्व गेट से आना जाना चाहिए. सीएम हाउस के लिए नए प्रोपोजल की बात करें तो उसमें सीएम हाउस को पूरे कॉर्पोरेट लुक देने की डिमांड है, जिसके साथ कई सारे बदलाव किए जाएगें.

सीएम हाउस में होने वाले बदलाव में सीएम कक्ष से सटा हुआ स्टाफ कक्ष होगा, जिसमें पीएस, सचिव औ सहायकों के कैबिन बने होंगे. इसके अलावा एक 75 लोगों की क्षमता वाला नया मीटिंग हॉल भी बनाया जाएगा. प्रमुख सचिव, सचिव के साथ एसपी, ओएसडी, पीओएसडी के भी कैबिन अलग से बनाए जाएंगे. वीडियो सर्विलांस सुविधा के साथ सिक्योरिटी ऑफिस और रूम बनाए जाएंगे. सीएम हाउस में अलग से एक जन शिकायत कक्ष बनाया जाएगा. इसके अलावा वीवीआईपी, वीआईपी और आम लोगों के लिए तीन अलग-अलग वेटिंग रूप बनाएं जाएंगे. इंटीरियर, फर्नीचर बदलने के साथ पहले माले तक जाने के लिए लिफ्ट भी लगाई जाएगी.

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