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मुस्लिम बच्चे के सपने में आते थे भगवान गणेश जी.. घर पर मांगी पूजा की इज़ाज़त तो वो नहीं माने.. आखिरकार उसने खुद लिया एक फैसला

अगर कहा जाय तो बाल रूप भगवान का रूप होता है ये हिन्दू मान्यता है और कहा ये भी जाता है कि इस समय उसका इश्वर से संवाद होता है .. ऐसा एक मुस्लिम लड़के के साथ हुआ जो अपने आप में अनोखा उदाहरण है , उस बाल मन को ये नहीं पता था कि समाज में चरमपंथ जैसी भी कोई चीज है जो किसी और मत या मजहब को मानने या मनाने की अनुमति नहीं देती .. फिर भी उसको अपने सपने पर पूरा विश्वास था और उसने आखिरकार अपनी तरफ से एक बड़ा और कड़ा फैसला ले लिया .

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ये मामला है छत्तीसगढ़ के कोरबा का .. मासूम रमजान का कहना है कि उसको सपने में गणपति भगवान दिखाई देते थे.. उसने जब अपने घर में गणपति की पूरा की अनुमति मांगी तो मुस्लिम विचारधारा को पूरी तरह से पालन करने वाला ये परिवार उस से नाराज हो गया और उन्होंने किसी भी हाल में ऐसा करवाने से मना कर दिया .. इसके बाद भी वो रमजान की श्री गणेश भक्ति को तो नहीं पाए और वो किसी भी हाल में भगवान गणेश की पूजा करने के लिए जगह और समय तलाशने लगा ..

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वह जानता था कि घर या फिर घर के आस-पास गणेश स्थापना कर पाना मुश्किल होगा लिहाजा उसने अपने दोस्त मुबारक को साथ लिया और फिर गणपति स्थापना के लिए कोई उचित जगह ढूंढने निकल पड़ा.. बाद में ये दोनों मिले शहर के शारदा विहार रेलवे फाटक से थोड़ी ही दूर पर बने फुटपाथ पर, वो भी इन दोनों ने एक झोपड़ीनुमा पंडाल का इंतजाम कर लिया था.. उस पांडाल के अन्दर भगवान श्री गणेश जी की एक मूर्ति स्थापित दिखी और बगल में पूजा का ढेर सारा सामान भी ..

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स्थानीय लोगों से सोचा कि यह गणपति स्थापना मोहल्ले के ही बच्चों ने की होगी, लेकिन बाद में पता चला कि भगवान गणपति को बिठाने वाले कोई और नहीं बल्कि कुआंभट्ठा इलाके के दो दोस्त रमजान और मुबारक हैं..  मोहल्ले के लोग अब हर दिन गणेश जी की पूजा अर्चना करते हैं। वही रमजान और मुबारक को भी दो वक्त का खाना मुहैया कराते हैं। दोनों बच्चे पंडाल के भीतर ही सोते हैं और मूर्ति की देखरेख करते हैं।

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इस मामले में गणपति भक्त रमजान की मां के मुताबिक उसके अब्बा ने रमजान को इसी बात के लिए फटकार भी लगाई थी, जिसके बाद वह और मुबारक कहीं चले गए थे। मंगलवार को इसकी जानकारी किसी ने चाइल्डलाइन को दे दी और फिर वह पंडाल पर पहुंचे। उन्होंने रमजान और मुबारक दोनों को उनके परिजनों के हवाले कर दिया गया है जबकि अब पंडाल की देखरेख शारदा विहार फाटक के पास के लोग कर रहे हैं। लेकिन रमजान की गणेश भक्ति अब कई लोगों के लिए एक बड़ी नजीर बन चुकी है .

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