कभी पति की लाश पर रोती इस नारी पर हंसता था मुख़्तार. आज उसका नाम सुनते ही काँपता है वो. इनका नाम है अलका राय .. “वाराणसी विशेष”

समय बहुत बलवान होता है ये जितना सच है उतना ही सच है एक नारी के स्वाभिमान को ललकारना .. इसको अगर सच में किसी को देखना और जानना है तो वो मुख़्तार अंसारी को देख कर समझ सकता है . निश्चित तौर पर अगर विधायक अलका राय को आयरल लेडी कहा जाय तो कुछ गलत नहीं होगा क्योकि जिस प्रकार से अपने पति की लाश से अपने सिन्दूर पोंछ कर ये एक महासमर में कूदी थी वो बन सकता है पूरे भारत के लिए एक बड़ी प्रेरणा . इनका नाम है अलका राय जो वर्तमान समय में भारतीय जनता पार्टी से विधायक है और मुख़्तार की सबसे बड़ी प्रतिद्व्न्दी ..

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इनके पति स्वर्गीय श्री कृष्णानंद राय जी थे जिन्हे मुख़्तार अंसारी के इशारे पर मुन्ना बजरंगी ने ४०० गोलियां बरसा कर मारा था . उस समय उनके पति एक उभरते हिन्दू नेता थे पूर्वांचल के जो गौ हत्या के साथ साथ तुष्टिकरण की नीति के खिलाफ आवाज उठा रहे थे. उनका हिंदुत्व और प्रभाव मुख़्तार अंसारी को रास नहीं आया और वो खुद इस अपराध में शामिल होने के बजाय मुन्ना बजरंगी को आदेश दिया . उसको डर था इस मामले का हिन्दू मुस्लिम होने और साम्प्रदायिकता फैलने का जिसके बाद उसने हिन्दू को ही हिन्दू से मरवाने की साजिश रची और मुन्ना बजरंगी ने अपने आका मुख़्तार को निराश नहीं किया और जान ले जी कृष्णानंद राय जी की .

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उत्तरप्रदेश का मोहम्मदाबाद विधानसभा क्षेत्र कुख्यात अंसारी बंधुओं के नाम से काँपता था. मुख्तार अंसारी, अफजाल अंसारी और सिब्गतुल्लाह अंसारी की दहशत के आगे जब किसी की ज़बान नहीं खुलती थी तो सामने खड़े होने का सवाल ही कहाँ पैदा होता था. लेकिन हिन्दू नेता कृष्णानंद राय न केवल सीना ठोककर खड़े हुए, बल्कि विधायक के चुनाव (वर्ष 2002) में हरा कर धूल चाटने को मजबूर कर दिया. हार से बौखलाए अंसारी बंधू फिर भी कृष्णानंद राय का बाल-बांका भी न कर सके. फिर जब सामने से उनका हर वार खाली गया तब घात लगाकर 29 नवंबर 2005 को उनपर प्राणघातक हमला हुआ जिसमें उनकी जान चली गयी. भले ही उनकी जान चली गयी लेकिन मुख्तार अंसारी और उसके गुर्गों को उन्होंने जो सबक सिखाया, उसकी मिसाल अब भी दी जाती है. कृष्णानंद राय की हत्या के आरोप में मुख्तार अंसारी अब भी जेल में बंद है.

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अलका राय गाजीपुर जिले की मुहम्मदाबाद सीट से मैदान में थी। इसी सीट पर मुख्तार का बड़ा भाई शिगबतुल्लाह अंसारी बीएसपी का उम्मीदवार था। ये सीट मुख्तार अंसारी के लिए नाक का सवाल बनी हुई थी जिसमे जीत हासिल कर के अलका राय ने उसको बड़ी राजनैतिक चोट दी थी .. अलका के पति को मार कर भी उसकी सारी गुंडागर्दी और दादागीरी अब अलका पर फेल रही है। मुख्तार अंसारी ने इस सीट पर दूसरे भूमिहार उम्मीदवारों को टिकट दिलाने की भी कोशिश की थी, ताकि हिंदुओं के वोट बंट सकें। लेकिन वो ऐसा नहीं कर पाया। केंद्रीय मंत्री मनोज सिन्हा खुद भी इस सीट पर चुनावी रणनीति का जिम्मा संभाल रहे थे। कुल मिलाकर मुहम्मदाबाद की ये सीट मुख्तार अंसारी जैसे मुस्लिम माफिया के खिलाफ हिंदुओं की एकजुटता का प्रतीक बन गई और अलका ने उसको धूल चटा दी थी .

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कृष्णानंद राय की हत्या के बाद मुख्तार अंसारी को उम्मीद थी कि वो इस इलाके में अपना एकछत्र राज्य चला पाएगा। लेकिन अलका राय के चलते ऐसा नहीं हो पाया। मुख्तार अंसारी को आज भी इस बात से डरता है कि अलका राय कभी भी अपने पति की हत्या का बदला लेने के लिए पलटवार करवा सकती हैं। हालांकि आज तक उन्होंने ऐसी कोई कोशिश नहीं की। कानूनी लड़ाई में अलका राय ने मुख्तार अंसारी की मुसीबत बढ़ा रखी है। उन्हीं के चलते तमाम राजनीतिक संरक्षण के बावजूद आज भी मुख्तार जेल में बंद है। पिछले दिनों मायावती ने मुख्तार अंसारी के परिवार को बीएसपी में शामिल करते हुए जब उसे बेकसूर बताया तो अलका सिंह ने ही फौरन इस बयान के खिलाफ अदालत की अवमानना की अर्जी डाल दी।

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मऊ जिले के रहने वाले अजय प्रकाश सिंह उर्फ मन्ना की 2009 में हत्या कर दी गई थी। जिसके बाद हत्याकांड के चश्मदीद गवाह रामसिंह मौर्या और उनके गनर कांस्टेबल सतीश सिंह को भी 2010 में गोली मार दी गई दोनों ही मामलों में मुख्तार अंसार के खिलाफ चार्जशीट कोर्ट में दाखिल है और बहस आखिरी दौर में है। 2010 में घटना के बाद भी मायावती ने ऐसा ही एक बयान दिया था। तब भी अलका सिंह ने कोर्ट में आपराधिक अवमानना की अर्जी डाली थी, जिस पर मायावती को अदालत से फटकार भी मिली थी। फिलहाल कानूनी लड़ाई में अलका राय लगातार मुख्तार अंसारी पर दबाव बनाए हुए हैं। बताया जाता है कि वो कानूनी तरीके से ही अपने पति के हत्यारे को सजा दिलाना चाहती हैं। अब तक उन्हें अपने इस मिशन में कामयाबी मिलती भी दिखाई दे रही है। इस बीच मुख्तार के कई करीबियों की हत्या हुई जिसमे परोक्ष रूप से अलका का नाम आया . मुख़्तार खुद भी अपनी जान का खतरा बता कर अपने लिए अलग से सुरक्षा मांग रहा है .

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