वायरल व् चर्चा थी कि सिविल सर्विसेज में सामान्य वर्ग की अधिकतम आयु कम होने वाली है .. जानिये क्या है सत्य

पिछले कुछ समय से सोशल मीडिया के तमाम प्लेटफार्मों पर एक खबर वायरल हो रही थी जिसमे सामान्य वर्ग अर्थात सवर्ण छात्रों की IAS या IPS की सिविल सर्विसेज की परीक्षा में शामिल होने की अधिकतम आयु सीमा को कम करने की केंद्र सरकार की मंशा की बात कही जा रही थी . कुछ राजनेताओं ने तो इसको बाकायदा अपना चुनावी व् वोटबैंक का हथकंडा जैसा बना डाला था . सभी इसकी सच्चाई जानने के लिए परेशान थे .. जानिये क्या है इस खबर का असल सच .

ध्यान देने योग्य है कि सवर्ण वर्ग के प्रतियोगी छात्रों के लिए एक अच्छी खबर ये है कि केंद्र की मोदी सरकार ने सिविल सर्विस एग्जाम के अभ्यर्थियों की अधिकतम आयु सीमा कम करने की अटकलों को खारिज किया है। इस आशय की जानकारी देते हुए केंद्रीय मंत्री डॉ.जितेंद्र सिंह ने कहा है कि सिविल सर्विस एग्जाम के अभ्यर्थियों की अधिकतम आयु सीमा कम करने की अटकलों को खारिज किया है। उन्होंने कहा कि फिलहाल सरकार का ऐसा कोई इरादा नहीं है। अपने बयान में आगे जोड़ते हुए केन्द्रीय मंत्री डा जितेन्द्र सिंह जी ने कहा कि अब अटकलों को विराम देना चाहिए।

यहाँ ध्यान देने योग्य है कि वर्तमान में सिविल सर्विसेज में सिलेक्ट होने वाले अभ्यर्थियों की औसत आयु साढ़े 25 साल है और भारत की एक-तिहाई से ज्यादा आबादी की उम्र इस समय 35 साल से कम है, इस लिहाज से यह अनुशंसा सही है। इस रिपोर्ट में यह भी सुझाव दिया गया है कि नौकरशाही में उच्च स्तर पर विशेषज्ञों की लेटरल एंट्री को भी बढ़ावा दिया जाना चाहिए ताकि हर क्षेत्र में ज्यादा से ज्यादा विशेषज्ञों की सेवाएं मिल सकें।

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