परवरिश में ही कमी है आतंक की पैदावार में.. उम्र 16 साल से कम, जिम्मेदारी मिली ब्लास्ट कर के नरसंहार करने की

अगर इस बात पर मंथन किया जाय कि हर दिन मारे जा रहे आतंकियों की फसल कहाँ से उग रही है और वो असल में समस्या कहाँ है .. एक ऐसी घटना जिसने देश और दुनिया को हिला कर रखा है उस घटना में मुख्य अभियुक्त की निशानदेही बता रही है कि आतंक की वो विचारधारा किसी की परवरिश से ही शुरू हो जाया करती है .

यद्दपि कुछ लोगों ने खुद को तथाकथित पत्रकार घोषित कर रखने के लिए ये नियम बना लिया है कि जैसे ही कोई आतंकी गिरफ्तार होता ही वैसे ही उसके घर पहुच कर उसके माता पिता या भाई बहन आदि का इन्टरव्यू चलाया जाने लगता है और उनके मार्मिक रूपों को बिना उनके उग्र इतिहास को जाने चमकाया जाने लगता है .  आतंकवादी समूहों ने जम्मू-कश्मीर में लोगों के बीच खौफ पैदा करने के लिये फिर से कम उम्र के लड़कों का इस्तेमाल करना शुरू कर दिया है.

जम्मू में एक बस स्टैंड पर कथित रूप से ग्रेनेड फेंकने वाले किशोर की आयु 16 वर्ष से कम है. इस घटना में दो लोगों की मौत हो गई थी . उसने पूछताछ कर्ताओं को बताया कि हिज्बुल मुजाहिदीन के एक आतंकवादी ने उसे ऐसा करने के लिये 50 हजार रुपये दिये थे. स घटना में दो लोगों की मौत हो गई और 31 लोग घायल हैं. अधिकारियों ने कहा कि पूछताछ के दौरान किशोर ने पुलिस को बताया कि हिज्बुल मुजाहिदीन के आतंकवादी ने उसे ग्रेनेड फेंकने के लिये 50 हजार रुपये दिये थे.

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