पार्टी छोड़ते हुए बोला कभी राहुल गाँधी का करीबी और पूर्व कांग्रेस प्रवक्ता – “कांग्रेस को छोड़ना देशहित का काम”

ये बयान कांग्रेस के लिए कुछ लोग आत्ममंथन का विषय बताएँगे और कुछ लोग इसको कांग्रेस के लिए झटका बताएँगे . यद्दपि चुनावी परिदृश्य से देखा जाय तो ये एक कद्दावर कांग्रेसी नेता के पार्टी बदल कर भाजपाई बनने के समान है लेकिन अगर इसको राष्ट्रीय परिदृश्य से देखा जाय तो इसका बहुत बड़ा अर्थ निकलता है जिसमे जनाक्रोश को भांपना भी माना जा सकता है . चुनाव के माहौल में शुरू हो चुकी है भयानक उठापटक और बयानबाजी .

ज्ञात हो कि कभी कांग्रेस पार्टी के वरिष्ठतम नेताओं में से एक रहे टॉम वडक्कन गुरुवार को केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद की मौजूदगी में भारतीय जनता पार्टी में शामिल हो गए। भारतीय जनता पार्टी के नेतृत्व में पूरी तरह से आस्था जताते हुए टॉम वडककन ने कहा कि नरेन्द्र मोदी एक बार फिर से प्रधानमन्त्री बनने जा रहे हैं और उनके भी प्रयास इसी दिशा में होंगे .. इन सबके बीच में उन्होंने एक ऐसी बात भी कही जो सनसनी के समान कांग्रेस के लिए संदेश दे गई ..

भारतीय जनता पार्टी में शामिल होने के बाद टॉम वडक्कन ने कहा कि उन्होंने खराब नीतियों के कारण कांग्रेस छोड़ने का फैसला किया। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान पर कांग्रेस का रूख देशहित में नहीं है। टॉम वडक्कन ने कहा कि पुलवामा हमले पर पार्टी के सवालों से वे आहत हुए। कांग्रेस का स्टैंड इस मामले पर देशहित में नहीं था और देशहित में उन्होंने पार्टी छोड़ने का फैसला लिया। उन्होंने कहा कि वे 20 सालों तक पार्टी की सेवा करते रहे लेकिन अब यूज एंड थ्रो की नीति पार्टी में शुरू हो गई है।

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