JNU से भी आगे निकल रही AMU . वही मुस्लिम युनिवर्सिटी जिसमे संघर्ष हुआ था जिन्ना के लिए, अब वहां हुआ कुछ और भी


इस मुस्लिम युनिवर्सिटी की स्थापना के पीछे उस समय के बुद्धिजीवियों का भले ही कुछ भी उद्देश्य रहा होगा लेकिन अब इसमें पढने वाले कुछ अति चरमपंथियों का जो भी रूप सामने दिखाई दे रहा है उसको किसी भी रूप में राष्ट्रहित में तो कतई नहीं कहा जा सकता है . इस से पहले इसी युनिवर्सिटी में जिन्ना की तस्वीर के लिए मचाया गया था कोहराम जिसमे समर्थन करने के लिए आगे आ गये थे पूर्व उपराष्ट्रपति और PFI जैसे संगठनो के मंचो पर दिखाई देने वाले हामिद अंसारी भी .

जब अमेरिका और रूस जैसे देश भी भारत के साथ धारा 370 हटाए जाने पर खड़े होते दिखाई दिए हैं तब ठीक उसी समय जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 व धारा 35 ए हटाए जाने के विरोध में गुरुवार को अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय में कश्मीरी छात्रों ने भारत विरोधी मार्च निकालकर प्रदर्शन किया. ये वो प्रदर्शन और कुकृत्य हैं जिनका फायदा पाकिस्तान विदेशी मंचो पर भारत की छवि को गिराने के लिए कर रहा है और उसी क्रम में पाकिस्तान परस्ती मानी जा रही है इस हरकत को ..

इस मामले में मुस्लिम युनिवर्सिटी के प्रशासन से जहाँ कड़ाई की उम्मीद की जा रही थी तो उसने बेहद मामूली हरकत की है . अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय परिसर में प्रदर्शन करने वाले चार कश्मीरी छात्रों को प्रशासन ने कारण बताओ नोटिस जारी किया है।  एएमयू प्रॉक्टर अफीफुल्लाह खान ने चारों छात्रों को अलग-अलग नोटिस देकर पूछा है कि उन्होंने परिसर में अवैध रूप से प्रदर्शन का आयोजन क्यों किया.  पांच अगस्त को धारा 370 हटाने के फैसले का एक माह पूरा होने पर कश्मीरी छात्रों ने प्रदर्शन किया था। इससे पहले नौ अगस्त को भी प्रदर्शन कर चुके हैैं।


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