हमे दिया गया था “चाइनीज टार्चर”- मेजर उपाध्याय.. अपने ही लोगों को मारने के लिए अपनाये गए थे मौत से भी भयानक विदेशी तरीके


जिस दुश्मन देश चीन से लड़ने के बड़े बड़े दम भरे जाते हैं चुनावी भाषणों में, जिस चीन को हराने की कसमें खा कर वोट लिए जाते हैं उसी चीन के पक्के समर्थक कम्युनिस्टों के साथ कुछ लोग सरकार बना लेते हैं और इतना ही नही, अपने ही देश की जनता पर उसी देश की प्रताड़ना का तरीका आजमाते हैं.. चीन के राजदूत से भारत चीन के अतिसंवेदनशील डोकलाम विवाद के समय मिल कर भारतीय जनता पार्टी के निशाने पर चल रहे राहुल गांधी के लिए मेजर रमेश उपाध्याय के खुलासे से कांग्रेस एक बार फिर से निशाने पर आते दिखाई दे रहे हैं ..

विदित हो कि साध्वी प्रज्ञा के भाजपा द्वारा दिये गए टिकट का विरोध करने के बाद मेजर रमेश उपाध्याय के खुलासे से कांग्रेस एक बार से बैकफुट पर आती दिखाई दे रही है..मेजर रमेश उपाध्याय ने मीडिया से बताया था कि उन्हें और मालेगांव मामले में फँसाये गए अन्य हिंदुओं को चाइनीज टार्चर दिया गया था..इस खुलासे के बाद अचानक ही सवाल खड़े होने शुरू हो गए हैं कि आखिर ये चाइनीज टार्चर क्या है.. इसका भी जवाब मेजर उपाध्याय ने मीडिया को दिया था जो किसी के भी रोंगटे खड़े कर देने के लिए काफी है ..

मेजर उपाध्याय ने बताया कि चाइनीज टार्चर देते समय उनको उल्टा लटका दिया गया था और उनके ऊपर बूंद बूंद कर के पानी डाला गया..इतना ही नही, उसके बाद उनके कान, उंगलियों और गुप्तांगों में बिजली के झटके दिए गए.. इसके बाद भी न उन पर तरस नही खाया गया और उनके हाथों को बांध कर गुप्तांगों में ऐसा ज्वलनशील तेल डाला गया जो बुरी तरह से जल रहा था..मेजर रमेश उपाध्याय ने बताया था कि वो एक पूर्व फौजी अधिकारी होने के नाते हैरान थे कि अपने ही देश की पुलिस ऐसा कर रही थी जबकि ये टार्चर दुश्मन देश दूसरे देश के सैनिको को दिया करते हैं . फिलहाल भारत के कई लोगों ने पहली बार चाइनीज टार्चर शब्द सुना है और अपनी ही सरकार द्वारा अपने ही लोगों पर विदेश से आयातित टार्चर प्रक्रिया अपनाना हर किसी के लिए हैरान कर देने वाला है ..


सुदर्शन के राष्ट्रवादी पत्रकारिता को आर्थिक सहयोग करे और राष्ट्र-धर्म रक्षा में अपना कर्त्तव्य निभाए
DONATE NOW

Share
Loading...

Loading...