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जो तब्लीगी जमात थी खुफिया एजेंसियों की रडार पर, उसको इतने बड़े आयोजन की अनुमति किसने दी

उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर में तीन दिवसीय तब्लीगी इज्तिमा कार्यक्रम आज संपन हो गया लेकिन जैसी कि आशंकाएं व्यक्त की जा रही कि इस आयोजन की आड़ में उन्मादी तत्वों द्वारा सांप्रदायिक उन्माद फैलाया जा सकता है, वो आशंकाएं सच साबित हुई जब बुलंदशहर के स्याना में अज्ञात लोगों ने दर्जन भर से ज्यादा गोवंशों को काट डाला, जिसके बाद बुलंदशहर सुलग उठा. तब्लीगी इज्तिमा के कार्यक्रम को लेकर ये आशंकाएं निर्मूल नहीं थी क्योंकि इस कार्यक्रम का आयोजन तब्लीगी जमात द्वारा कराया गया था. ये वही तब्लीगी जमात है जो देश की सुरक्षा एजेंसियों की रडार पर आ चुकी है तथा जिसके सदस्यों के लिंक आतंकी संगठनों से पाए गये हैं.

केवल लश्कर, हिजबुल और सिमी भर जानता था पर जड़ें जमा चुकी थी “तब्लीगी जमात”.. कितना जानते हैं आप इसके बारे में

यहाँ ये सवाल खड़ा होता कि आखिर तब्लीगी जमात को इतने बड़े आयोजन की अनुमति कैसे और क्यों दी गई? जिस तब्लीगी जमात को सुरक्षा एजेंसिया रडार पर ले चुकी हैं, उसको इतने बड़े आयोजन की अनुमति कैसे मिली जिसमें विदेश तक के मुस्लिम समाज के लोग भी शामिल हुए. ये भी हो सकता है कि बाहर से आये हुए उन्मादी तत्वों ने इस साजिश के तहत गाय को काटा हो कि इसके बाद हिन्दू समाज भड़क उठे तथा सांप्रदायिक उन्माद फैले, निर्दोष लोगों की जान जाए तथा हिंदुस्तान की बदनामी हो तथा केंद्र की मोदी तथा उत्तर प्रदेश की योगी सरकार पर सवाल खड़े किये जा सकें.

कब और क्यों, किस विवाद को लेकर सवाल उठे हैं तब्लीगी जमात पर

-17 नवम्बर 2011 को विकिलीक्स ने खुलासा करते हुए कहा था कि तब्लीगी जमात की मदद से भारत में अलकायदा के नेटवर्क से जुड़े लोगों द्वारा रुपया और वीजा हासिल किया जा रहा है. हालांकि जमात के उलेमाओं ने इसे खारिज करते हुए कहा था कि जमात सिर्फ धर्म के प्रचार-प्रसार के लिए एक जगह से दूसरी जगह जाती है.

– 18 जनवरी 2016 को दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने हरियाणा के मेवात स्‍थित नूहु से अलकायदा के एक संदिग्ध आतंकवादी को गिरफ्तार किया था. ये संदिग्ध तब्लीगी जमात में शामिल होकर झारखण्ड से मेवात पहुंचा था. इस दौरान दो अन्य लोग भी दिल्ली पुलिस ने अलग-अलग जगहों से हिरासत में लिए थे.

– ताजा आरोप तब्लीगी जमात से जुड़े एक उलेमा पर लगा है. मोहम्मद सलमान नाम के ये उलेमा पलवल, हरियाणा में एक मस्जिद बनवा रहे हैं. कहा जा रहा है कि मोहम्मद सलमान तब्लीगी जमात से जुड़े हुए हैं. नेशनल इंवेस्टीगेशन एजेंसी (एनआईए) का आरोप है कि इस मस्जिद के लिए जो पैसा लिया गया है वो आतंकी हाफिज सईद के फलाह-ए-इंसानियत फाउंडेशन से जुड़े खाड़ी देश में रह रहे एक व्यक्ति से लिया गया है.

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