मुलायम का राजनैतिक परिवार टूटने के बाद देश के एक और कद्दावर राजनैतिक परिवार में पड़ी फूट…

पिछले दिनों ही देश के कद्दावर राजनैतिक परिवार-मुलायम परिवार में फूट पड़ी हैं. अखिलेश यादव . रामगोपाल यादव , मुलायम सिंह यादव और शिवपाल यादव के बीच मचे आपसी घमासान को पूरे देश ने देखा है. इस घमासान ने पूरे देश की सियासत में भूचाल आ गया था तथा उस कद्दावर परिवार को तोड़कर रख दिया था जिसने उत्तर प्रदेश में अपना एकछत्र राज्य कभी कायम रखा था और केंद्र की राजनीति के धुरी के रूप में अपनी पहिचान बना कर रखी थी. मुलायम परिवार में पड़ी फूट की आग अभी ठंडी भी नहीं पड़ी थी कि देश के और कद्दावर राजनैतिक परिवार में फूट पड़ गई है.

आपको बता दें कि देश की राजनीति में बड़ा रसूख रखने वाला हरियाणा का चौटाला परिवार बिखर गया. हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री ओमप्रकाश चौटाला की पार्टी  इंडियन नेशनल लोकदल(इनेलो) आज दो फाड़ हो गई जब इससे निष्कासित ओमप्रकाश चौटाला के बड़े बेटे अजय चौटाला ने नया राजनीतिक दल बनाने की घोषणा की. अजय चौटाला ने अपने पूर्व घोषित कार्यक्रम के तहत स्थानीय हुडा मैदान में बुलाए गये कार्यकर्ता सम्मेलन में अपनी नई पार्टी बनाने की घोषणा करते हुये कहा ‘वह इनेलो और इसका चुनाव चिन्ह चश्मा अपने अजीज भाई ‘बिल्लू'(अभय चौटाला) को गिफ्ट करते हैं’. उन्होंने कहा कि नई पार्टी का नया झंडा होगा. उन्होंने आगामी नौ दिसम्बर जींद में प्रदेशस्तरीय रैली की घोषणा करते हुए कहा कि इसमें वह नई पार्टी के नाम का भी ऐलान करेंगे.

बता दें कि इससे पूर्व सफीदों रोड स्थित एक होटल में प्रदेश कार्यकारिणी की बैठक हुई जिसमें इनेलो के कई प्रदेश प्रकोष्ठों के पदाधिकारी, पूर्व विधायक और जिला अध्यक्ष और पदाधिकारी आए. बैठक में सभी ने इनेलो से सामूहिक इस्तीफे सौंपते हुए नई पार्टी बनाने के प्रस्ताव को मंजूरी दी. इस मौके पर बड़ी संख्या में उनके समर्थक मौजूद थे. अजय चौटाला ने कहा कि कार्यकारिणी की बैठक में तीन विकल्प सामने आए. जिसमें इनेलो और उसके चुनाव चिन्ह चश्मे पर दावा करना लेकिन यह लम्बी प्रक्रिया थी तथा बैठक में उपस्थित नेता इस पर सहमत नहीं हुये. दूसरा विकल्प किसी राष्ट्रीय पार्टी के साथ गठबंधन करना लेकिन इस पर सहमति नहीं बनी. तीसरे विकल्प के रूप में नया राजनीतिक दल बनाने पर सभी ने इस पर सहमति जाहिर की.

अजय चौटाला ने कहा कि वह 20 नवम्बर को पुन: जेल जा रहे हैं और कार्यकारिणी की बैठक में मौजूद सभी पदधिकारियों द्वारा सौंपे गये इस्तीफों को वह श्री ओमप्रकाश चौटाला को सौपेंगे. उन्होंने अपने छोटे भाई अभय चौटाला पर सीधा निशाना साधते हुए कहा कि चंडीगढ़ में बैठकर ये लोग दस विधायकों को बंधक बनाकर खिंचा रहे हैं. यही पार्टी का नाश करने वाले हैं. उन्होंने कहा कि एक साजिश के तहत पहले दुष्यंत और दिगिवजय तथा बाद में उन्हें पार्टी से बाहर निकाल दिया गया जबकि मैंने हमेशा पार्टी को खून पसीने से सींचा. उनके अधिकतर राजस्थान में रहने के अभय चौटाला को लेकर उन्होंने कहा कि वह श्री देवीलाल और ओमप्रकाश चौटाला को मजबूत करने के लिए वहां समय देते थे न कि पार्टी में सीएम बनने के लिए. उन्होंने कहा कि 662 किलोमीटर की पदयात्रा श्री ओम प्रकाश चौटाला को मुख्यमंत्री बनाने के लिये की थी न कि खुद मुख्यमंत्री बनने के लिए.

अजय चौटाला ने कहा कि एफआईआर में न नाम न गवाही फिर भी वह दस साल की सजा काट रहे हैं और वह भी अपने पिता श्री ओमप्रकाश चौटाला के लिए. उन्होंने अभय पर निशाना साधते हुए कहा “मैं राजस्थान भाजपा के लिये वोट मांगने नही मांगने जाता जिस प्रकार अभय अपने साले के लिए जाता है”. इस मौके पर श्री दुष्यंत्र चौटाला ने दादा ओमप्रकाश चौटाला को अपना आदर्श बताते हुए कहा कि वह उन्हें अपने मंच पर लाने का काम करेंगे. उन्होंने कहा “हमारा कसूर केवल यह था कि हम जनता के प्रिय हैं. जिस पार्टी से उन्हें निकाला गया उसमें वापस अब लौटने को मन नहीं मान रहा है”.

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