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बच्चा चोर समझ कर पीट रही थी भीड़ उस महिला को.. सच सामने आया तो वो निकली बच्चा चोर से भी ज्यादा खतरनाक


एक भीड़ जो मारो मारो के नारे के साथ एक महिला को पीट रही थी , अचानक ही वहां 2 बाईक सवार आते हैं और वो महिला को पीटने का कारण पूछते हैं . वहां उन्हें बताया जाता है कि ये संदिग्ध महिला है जो आस पास किसी गाँव की नहीं है और यहाँ बच्चा चुराने की साजिश करते घूम रही थी . भीड़ से घिरी महिला बुरी तरह से रोये जा रही थी तभी बाइक सवारों ने हिम्मत दिखाई और पुलिस आदि का डर दिखा कर भीड़ को शांत किया. भीड़ में से ही किसी समझदार ने पुलिस बुला ली .

जब पुलिस आई तो उसने सबसे पहले महिला को कब्जे में लिया और भीड़ से उसको दूर ले गई.. ये घटना है उत्तर प्रदेश के मिर्जापुर जिले की . समय था दोपहर का और स्थान था पहाड़ी पोखरा जहाँ गाँव वालों की भारी भीड़ जमा थी . हालात की गंभीरता को देखते हुए त्वरित कार्यवाही करते हुए समय रहते एक तरफ से देहात कोतवाल अभय सिंह और दूसरी ओर से बरकछा चौकी प्रभारी संतोष सिंह मौके पर पहुंचे और महिला को अपने साथ लिया साथ भी भीड़ को तितर बितर कर दिया .

बाद में जब उस से थाने ला कर पूछताछ की गई तो उसकी भाषा किसी को समझ में ही नही आ रही थी . जब गहराई से जा कर सवाल जवाब किया गया तो पता चला कि वो बंगलादेशी है जो घुसपैठ कर के भारत में आई थी.. बंगलादेशी महिला वो भी अकेले एक सुनसान स्थान पर क्या कर रही थी इसको सोच कर एक बार पुलिस विभाग भी सकते में आ गया . फ़ौरन ही LIU की टीमो को सूचित किया गया और फिर उस से वहां होने और भारत में घुसने आदि पर सवाल होने लगे .

उसने पेपर पर लिख कर अपना नाम, पता बताया। तब जाकर पता चला कि महिला बांग्लादेश की रहने वाली है। बांग्लादेश की महिला होने की सूचना पर प्रशासन के कान खड़े हो गए। सूचना पर एलआईयू और आईबी के अधिक‌ारियों ने पूछताछ किया। म‌हिला ने अपना नाम नसीमा परवीन और पता गाजीपुर थाना चिरीस बंडोर जिला रासही बांग्लादेश बताया। महिला खुफिया विभाग के बांग्लादेशी भाषा के जानकार ने पूछताछ किया। आख़िरकार बिना पासपोर्ट के भारत में घुसने पर उसे जेल भेज दिया गया।


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