ट्विटर से पवित्र कुम्भ के बारे में लिखने से शुरुआत की थी मायवती ने.. अब सुप्रीम कोर्ट ने उनको ही दिया निर्देश

अपने नए ट्विटर से सबसे पहले हिन्दुओ की आस्था के केंद्र पवित्र कुम्भ के बारे में टिपण्णी करते हुए मायावती ने कहा था कि केवल संगम में स्नान करने से पाप नहीं धुल जाते . उनका निशाना भारतीय जनता पार्टी ही थी लेकिन अपने राजनैतिक बयानों के लिए हिन्दुओ की आस्था के कुम्भ का नाम लेना किसी भी हालात में सही नहीं कहा जा सकता है . यद्दपि आखिरकार उनको तब बैकफुट पर आना पड़ा जब सुप्रीम कोर्ट का सुप्रीम आदेश आया .

ज्ञात हो कि सोशल मीडिया के बढ़ते प्रभाव और समाज में उसकी उपयोगिता को देखते हुए ही बहुजन समाज पार्टी की मुखिया मायावती भी अब सोशल मीडिया पर काफी सक्रिय हो गई हैं। बता दें कि उन्होंने 22 जनवरी को ट्विटर इस्तेमाल करना शुरू किया था और 6 फरवरी को उनका ट्विटर अकाउंट वेरिफाइड हो गया था। ऐसे में अब ट्विटर पर भी मायावती ने सियासी हमले करना शुरू कर दिया है। मायावती ने अपने ट्विटर से पहला हमला भाजपा पर किया है। हमला करते हुए मायावती ने लिखा- केवल संगम स्नान से सरकारों के पाप नहीं धुल सकते।

अब उन्ही मायावती के मामले में भारत की सर्वोच्च न्यायालय ने एक कड़ा फैसला देते हुए कहा है कि बसपा प्रमुख मायावती को प्रतिमाओं पर खर्च जनता का पैसा लौटाना होगा। सुप्रीम कोर्ट ने एक याचिका पर सुनवाई करते हुए यह टिप्पणी की। लखनऊ और नोएडा में मायावती और उनकी पार्टी के चिह्न हाथी की प्रतिमाएं बनवाई गई थीं। एक वकील ने इसके खिलाफ याचिका दायर की थी। याचिका में मांग की गई कि नेताओं द्वारा अपनी और पार्टी के चिह्न की प्रतिमाएं बनाने पर जनता का पैसा खर्च न करने के निर्देश दिए जाएं।

सुदर्शन न्यूज को आर्थिक सहयोग करने के लिए नीचे DONATE NOW पर क्लिक करे
DONATE NOW