आखिर कैसे कट्टरपंथ की फैक्ट्री में पका कर दुर्दान्त आतंकी बनाया गया हमज़ा को… पढिये वो खौफनाक आतंकी राह

कहते हैं कि नौजवान युवक देश का भविष्य होते हैं, और नौजवान की सोच पर ही देश उन्नति के मार्ग पर चलता हैं। लेकिन न जाने पाकिस्तान की सरकार को ये

बात कब समझ में आयेगी। आखिर कब तक पाकिस्तान सरकार जिहाद’ के नाम पर अपने ही देश के नौजवानो का भविष्य खराब करती रहेगी। पाकिस्तान

केवल आंतकियों को पनाह ही नहीं देता है बल्कि आतंकियों की फौज को जन्म देता है। लश्कर किस हद तक नौजवान पीढ़ियों को जिहाद के नाम पर भटकाकर

उनका भविष्य खराब कर रहा है।

आपको बता दे कि करीब एक हफ्ते पहले राष्ट्रीय जांच एजेंसी एनआईए ने उत्तर कश्मीर के हंदवाड़ा इलाके से मुठभेड़ के दौरान

लश्कर-ए-तैयबा के एक जिंदा आतंकी को गिरफ्तार किया था। जिसकी पहचान मोहम्मद आमिर अवान नामक 28 साल के युवक के रूप में हुई थी, जिसने पूछताछ

में इतना बताया था कि वो मूल रूप से पाकिस्तान के कराची शहर का रहने वाला है और लश्कर आतंकी समूह में उसका कोड ‘अबू हामज’ है, वो जिहाद के लिए

कश्मीर में आया है और उसे मौत का कोई डर नहीं, उसके जैसे ना जाने कितने आमिर इस वक्त कश्मीर में सक्रिय है और वो कश्मीर को आजाद कराकर ही चैन

लेंगे।

मोहम्मद आमिर के बारे में अब खबर खुद उसके घर कराची से आई है, जहां उसके मां-बाप ने खुलासा किया है कि उनका बेटा इस साल के मई महीने से

वापस अपने घर नहीं लौटा है हमेशा शांत रहने वाला उनका बेटा अवान कब ड्रग्स की गिरफ्त में आ गया इसकी खबर भी उन्हें नहीं लगी, उन्हें टीवी के जरिए पता

चला कि उनकी चार औलादों में सबसे छोटा और चहेता आमिर आज लश्कर आतंकी समूह का ‘अबू हामज’ है।

जिस वक्त आमिर अपने घर से निकला था, उस

वक्त उसकी मां ने उसकी पेशानी चूमकर उसकी बलाएं ली थीं, लेकिन आज उसी मां को अपने बेटे पर गुस्सा आ रहा है, हालांकि वो ऊपर वाले से दुआ कर रही है

कि उसका बेटा इन चंगुलों से बाहर निकले क्योंकि इस पार या उस पार दहशतगर्त किसी के सगे नहीं। आतंकी ने पूछताछ करने वाले अधिकारियों को बताया था

आतंकी समूह ने उसकी भर्ती की और उसे प्रशिक्षित किया है, उसे पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर से जम्मू-कश्मीर में विभिन्न प्रमुख प्रतिष्ठानों पर हमला करने

के लिए भेजा गया था।

जिसने फिर से साबित कर दिया है पाकिस्तान द्वारा लश्कर संस्थापक हाफिज सईद को रिहा करने के बाद कश्मीर घाटी में पाकिस्तानी

आतंकी अवान का पकड़ा जाना बहुत अहम है। उसके जरिये केंद्र सरकार लश्कर सरगना के खिलाफ कार्रवाई के लिए पाकिस्तान पर अंतरराष्ट्रीय दबाव बना सकती

है। मालूम हो कि आमिर ने 15 नवंबर के बाद अपने साथियों संग गुलाम कश्मीर की तरफ से कश्मीर में घुसपैठ की थी।राज्य पुलिस के एक अधिकारी ने बताया

कि आमिर का पकड़ा जाना बहुत अहम है। उसने शुरुआती पूछताछ में पाकिस्तान में मौजूद आतंकी नेटवर्क, पाकिस्तानी सेना और लश्कर-ए-तैयबा की साठगांठ पर

कई अहम जानकारियां उपलब्ध कराई हैं। जिहाद इस्लाम मैं भगवान या अल्लाह की सेवा का एक रूप है लेकिन आतंकवादियों ने इसे आधार बनाकर आतंक की

होली खेलनी शुरू कर दी है।

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