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#SudarshanConclave में आज जानिए- समाज और सरकार क्या कहते हैं बूचड़खाने पर

#SudarshanConclave में आज ‘बूचड़खाना’ विषय अहम चर्चा होगी। इस मुद्दे पर सभी अपना पक्ष रखेंगे। यदि आपसे कोई पूछे जाए की बूचड़खाना क्या है, तो आप क्या कहेंगे? आप का जवाब होगा कत्लखाना, जहां पर कत्ल होता है मासूम लाचार बेबस गायों का। जो अपनी दया से भरी आंखों से सिर्फ यही पूछते होंगी कि क्या कसूर है मेरा जो मुझे मार रहे हो।
बूचड़खाना सिर्फ किसी एक जगह की ही नही बल्कि पूरे देश की समस्या है। जिसे जड़ से ही खत्म करना होगा। बूचड़खानों में चल रही रोज के कटान से पशुओं का तो जीवन खत्म होता ही होता है, इसके साथ ही पूरे वातावरण पर भी इसका बूरा असर पड़ता है। या फिर कहे कि ये सीधे तौर पर जनजीवन को प्रभावित करता है। आइए हम आापको बताते है वो सभी वजह जिनके चलते ये सभी बूचड़खाने बंद होने ही चाहिए।
हिंदु संस्कृति पर होता सीधा प्रहार-
हिंदु धर्म की मान्यताओं के अनुसार गाय को पूजा जाता है और हम रोज खबर पढ़ते है कि गाय को काटा गया है आखिर क्या है ये कब तक इस तरह से हिंदु धर्म का अपमान होता रहेगा।
वातावरण को नुकसान-
बूचड़खानों में गायों को कटाने के बाद बचें अवशेषों को यू ही फेंक दिया जाता है। जिससे की वो सड़ गल जाता है और उसकी गंध पूरे वातावरण को दूषित करती है।
 
बढ़ता जल प्रदुषण-
बूचड़खाना से निकलने वाला खून जाकर नदियों में गिरता है जो कि लोगों के खाने पीने में और सभी तरह प्रकार से प्रयोग में आता है लेकिन इस पानी से होने वाली बिमारियों से जानें कितने ही लोग मरते है जिसका हम अंदाजा भी नहीं लगा सकते, क्योंकि हम अंजान है उन लोगों से।
बूचड़खानों पर रोक लगाने को लेकर योगी सरकार की पहल और उनके एक्शन-
योगी सरकार ने सत्ता में आते के साथ ही एक्शन लेने शुरु कर दिए हैं जिनमें से कुछ एक्शन बूचड़खानों को लेकर भी लिए गए है। योगी सरकार अब तक जानें कितने ही अवैध बूचड़खानों पर ताले लगवा चुकी है और आगे भी योगी सरकार की यही कोशिश रहेगी कि वो देश में चल रहे सभी बूचड़खानों पर प्रतिबंध लगाए।  
आज इसी मुद्दें को लेकर #SudarshanConclave में @sureshChavhanke कई दिगगज नेताओं और मंत्रियों के साथ खास चर्चा करेंगे।
 
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