Breaking News:

स्विस बैंकों से लिस्ट आने से पहले ही खाली हो गये कई खाते.. आर्थिक अपराधियों में दहशत का माहौल

काला धन वापस लाने के वादे के साथ लगातार दूसरी बार सत्ता में आई मोदी सरकार अब मुद्दे को लेकर एक्शन मोड में आ चुकी है. यही कारण है कि देश के खजाने को लूटकर विदेशी बैंकों में जमा करने वाले आर्थिक अपराधियों में दहशत का माहौल उत्पन हो गया है. खबर के मुताबिक़, भारत सरकार के पास स्विस बैंकों में खाता रखने वाले भारतीयों की जानकारी आनी शुरू हो गई है. भारत को इस महीने स्विस खातों से जुड़ी कुछ जानकारियां मिली हैं.

जानकारी के मुताबिक़, स्विस बैंकों से मिली इन जानकारियों का भारत सरकार अध्ययन कर रही है, ताकि विदेशों में गलत तरीके से पैसे रखने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जा सके. लेकिन स्विट्जरलैंड की सरकार द्वारा दी गई जानकारी में कई ऐसे खाते हैं, जो कार्रवाई के डर से बंद किए जा चुके हैं. जी हाँ, स्विस बैंकों से लिस्ट आने से पहले ही कई बैंक खाते खाली हो गये हैं

बता दें कि स्विट्जरलैंड की सरकार ने सूचना साझा करने की स्वचालित व्यवस्था के तहत भारत सरकार को ये जानकारियां मुहैया करवाई है. हालांकि गोपनीयता की शर्त पर बैंक अधिकारियों और नियामक संस्थाओं से जुड़े अफसरों ने कहा कि स्विट्जरलैंड से मिली जानकारियां मुख्य रूप से बिजनेसमैन और एनआरआई से जुड़ी हैं. ये अनिवासी भारतीय दक्षिण-पूर्वी एशियाई देशों, अमेरिका, ब्रिटेन, कुछ अफ्रीकी देशों और दक्षिण अमेरिकी देशों में कारोबार कर रहे हैं.

जानकारी के मुताबिक़, बैंक अधिकारियों ने माना कि जब से बेहद गोपनीय माने जाने वाले स्विस बैंक खातों के खिलाफ वैश्विक स्तर पर कार्रवाई शुरू हुई, इसके बाद पिछले कुछ सालों में इन खातों से बड़े पैमाने पर पैसे की निकासी हुई. कई खाते तो बंद भी हो गए. हालांकि स्विट्जरलैंड द्वारा भारत को सौंपी गई जानकारी में इतनी तो सूचना है कि यहां पैसा रखने वालों के खिलाफ मजबूत केस तैयार किया जा सके. स्विट्जरलैंड की सरकार ने हर उस खाते में लेन-देन का पूरा विवरण दिया गया है, जो 2018 में एक भी दिन सक्रिय रहे हों.

सरकारी सूत्रों के हवाले से बताया गया है कि यह डेटा इन खातों में अघोषित संपत्ति रखने वालों के खिलाफ ठोस मुकदमा तैयार करने में बेहद सहायक साबित हो सकता है, क्योंकि इसमें जमा, ट्रांसफर और प्रतिभूतियों एवं अन्य संपत्तियों में निवेश से हुई कमाई का पूरा ब्योरा दिया गया है.  स्विट्जरलैंड की सरकार के पास उन 100 खातों की जानकारी भी है, जिनके बारे में आशंका है कि इन्हें 2018 से पहले बंद करा दिया गया है. स्विट्जरलैंड की सरकार एक पूर्व समझौते के तहत इन खातों की जानकारी भारत को देने वाली है.

भारतीय अधिकारियों ने इन खाताधारकों के खिलाफ टैक्स चोरी के सबूत स्विस अधिकारियों को सौंपे थे. जिन लोगों का खाता इसमें शामिल है वे ऑटो पार्ट्स, केमिकल, टेक्सटाइल, रियल स्टेट, हीरा और जवाहरात, और स्टील के बिजनेस से जुड़े हैं. नियामक संस्थाओं ने कहा है कि उन खातों की जांच ध्यानपूर्वक की जा रही है, जिसका राजनीतिक लिंक सामने आया है. बता दें कि पिछले ही महीने स्विस अधिकारियों का एक प्रतिनिधिमंडल भारत के दौरे पर था. इस दौरान टैक्स और टैक्स चोरी से जुड़े मुद्दों पर बात हुई थी. बता दें कि भारत के साथ लंबे कानूनी-दांव पेचों के बाद स्विट्जरलैंड इन सूचनाओं को साझा करने को तैयार हुआ है.

Share This Post