वो मदरसा बन चुका था बच्चियों संग कुकर्म का अड्डा .. 63 साल का युसूफ निकला दरिंदा, प्रदेश में वामपंथी सरकार

एक बार फिर से एक मदरसा बना है कुकर्म का अड्डा जहाँ पर मासूम बच्चियों और बच्चो के साथ वो सब होता था जिसको सुन कर किसी की भी रूह काँप जायेगी . कल्पना कीजिए उन बच्चियों के माता पिता के मानसिक स्थिति की जिनकी औलादों के साथ 63 साल के कुकर्मी दरिन्दे ने वो सब किया जिसकी सजा कानून के हिसाब से मृत्युदंड है.. ये अपराध हुआ है वामपंथ शासित केरल में जहाँ कुछ दिन पहले बलात्कारी पादरी की भी खबर प्रमुखता से उठी थी.

ज्ञात हो कि मदरसे में इस्लामिक नियमो से पढने आई बच्चियों को और उनके परिजनों को ये भी नहीं पता था कि जिसको वो इनका संरक्षक मान कर चल रहे हैं उसकी ही आँखों में भरी है अथाह हवास . फिलहाल पुलिस ने नाबालिग बच्ची के साथ छेड़छाड़ के आरोपी यूसुफ के खिलाफ पुलिस ने पोक्सो एक्ट के तहत मामला दर्ज कर लिया है. पुलिस को अन्य पीड़िताओं के सामने आने की उम्मीद है. पुलिस ने बताया कि एर्णाकुलम जिले के मुप्पतादम के रहने वाले यूसुफ को शनिवार को त्रिशूर जिले से गिरफ्तार किया गया है.

अपने कुकर्म जाहिर होने के बाद आरोपी हाल में तब तलायोलापरांबू छोड़कर चला गया था जब उसे पता चला था कि पुलिस ने एक शिकायत के आधार पर मामले में एक जांच शुरू कर दी है. गिरफ्तारी के बाद यूसुफ ने स्वीकार किया कि वह 25 साल की उम्र से बच्चों के साथ रेप कर रहा है और जब वह बचपन में ही यौन उत्पीड़न का आरोपी बन गया था.  इस दरिन्दे ने बच्ची का उत्पीड़न तब किया था जब वह कोट्टायम जिले के तलायोलापरांबू मदरसे में टीचर था. मामला सामने आने के बाद उसे मदरसा टीचर के पद से हटा दिया गया था. अब   सवाल ये भी उठता है कि  क्या पद से हटाना ही कुछ के हिसाब से सजा थी, वो भी इतने घृणित कार्यों में . क्या कोई ऐसा भी था जो इस दरिन्दे को बचाने की कोशिश कर रहा था ?

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