भारत में बनी मेट्रो दौड़ेगी ऑस्ट्रेलिया में.. मेक इन इंडिया की धमक विकसित देशों में भी

मोदी सरकार की सबसे महत्वाकांक्षी योजना “मेक इन इंडिया” का डंका अब दुनिया भर में बजने लगा है. भारत के तमाम विपक्षी राजनेता भले ही मेक इन इंडिया पर कटाक्ष करते हों लेकिन दुनिया के विकसित मुल्क भी मेक इन इंडिया को स्वीकार करने लगे हैं. खबर के मुताबिक़, मोदी सरकार की मेक इन इंडिया योजना के तहत भारत में बनी मेट्रो ऑस्ट्रेलिया में दौड़ेगी.

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मोदी सरकार में  रेल मंत्री पीयूष गोयल ने दावा किया कि केंद्र सरकार का ड्रीम प्रोजेक्ट ‘मेक इन इंडिया’ लगातार सफलता के नए आयाम छूता जा रहा है. पीयूष गोयल ने मंगलवार को एक वीडियो ट्वीट कर लिखा कि मेक इन इंडिया की एक और सफलता. गोयल ट्वीट में लिखा है कि अब ऑस्ट्रेलिया के सिडनी में भारत में बनी अत्याधुनिक मेट्रो दौड़ेगी. मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ावा देने के लिए शुरू किये गए ‘मेक इन इंडिया’ अभियान से देश तकनीक की दुनिया मे उभरता हुआ सितारा बन रहा है.

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केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल द्वारा ट्वीट किए गए वीडियो में कहा गया है कि टेक्नॉलजी की दुनिया में भारत उभरता हुआ देश बन रहा है. देशी और विदेशी कंपनियों द्वारा निर्माण को बढ़ावा देने के लिए ‘मेक इन इंडिया’ अभियान की शुरुआत की गई. वीडियो में बताया गया है कि भारत में बने मेट्रो रेलवे कोच ऑस्ट्रेलिया के सिडनी मेट्रो लाइन पर चलेंगे. सिडनी में पहली बार ड्राइवर लेस मेट्रो लाइन खुली है, जिसमें 6 कोच वाली 22 एल्सटॉम ट्रेनों के द्वारा सेवा दी जाएगी. यह मेट्रो नॉर्थ वेस्ट रेल लिंक में तल्लावांग स्टेशन से चैट्सवुड स्टेशन के बीच कुल 13 स्टेशनों में चलेगी.

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वीडियो के अनुसार, सिडनी मेट्रो के लिए यह 22 ट्रेनें भारतीय कंपनी एल्सटॉम एसए ने उपलब्ध करवाई हैं. इन ट्रेनों के आंध्र प्रदेश के श्री सिटी में असेंबल किया गया है. ये ट्रेनें पूरी तरह से स्वचालित हैं और इसमें एलईडी लाइट, आपातकालीन इंटरकॉम, सीसीटीवी कैमरे जैसी सुविधाएं हैं. कंपनी ने 15 सालों के लिए डिपो चलाने और सिग्नलिंग सिस्टम की देख-रेख के लिए सिडनी मेट्रो के साथ संधि की है. भारत में निर्मित ये मेट्रो दुनिया भर में ‘मेक इन इंडिया’ की सफलता को दर्शा रही है.

 

 

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