नहीं रहे भारतीय राजनीति के हरिश्चन्द्र “मनोहर पर्रिकर” जी. देश की सेवा के लिए मौत को देते रहे मात

भारत की राजनीति में अपनी न्यायप्रिय छवि, अटल फैसले और निष्कलंक स्वरूप के लिए विख्यात और वर्तमान राजनीति के राजा हरिश्चन्द्र कहे जाने वाले गोवा के पूर्व मुख्यमत्री मनोहर पर्रीकर अब हमारे बीच नहीं हैं . देश की सेवा के लिए एक लम्बे समय से मौत को भी मात देते हुए पर्रीकर ने आख़िरकार आज अंतिम सांस ले ही ली . उनकी मौत के बाद अचानक ही देश में शोक की लहर दौड़ गयी क्योंकि उनके जैसी निष्कलंक छवि वर्तमान समय में शायद खोजने से भी न मिले .

इससे पहले मुख्यमंत्री कार्यालय ने ट्वीट किया था कि पर्रिकर की हालत बेहद खराब है। डॉक्टर उन्हें बचाने की कोशिश में जुटे हैं। पर्रिकर पैंक्रियाटिक कैंसर से जूझ रहे थे। पिछले साल से उनका गोवा, मुंबई, अमेरिका और दिल्ली एम्स में इलाज चल रहा था। इससे पहले मुख्यमंत्री कार्यालय ने ट्वीट किया था कि पर्रिकर की हालत बेहद खराब है। डॉक्टर उन्हें बचाने की कोशिश में जुटे हैं। पर्रिकर पैंक्रियाटिक कैंसर से जूझ रहे थे। पिछले साल से उनका गोवा, मुंबई, अमेरिका और दिल्ली एम्स में इलाज चल रहा था।

मुख्यमंत्री पर्रिकर ने इस बार के बजट सत्र में हिस्सा लिया और 30 जनवरी को बजट पेश किया था। इसके अगले दिन वे इलाज के लिए दिल्ली एम्स चले गए और 5 फरवरी को गोवा लौट आए थे। पर्रिकर को पिछले कुछ समय में जब भी देखा गया, वह चिकित्सीय उपकरणों से लैस दिखाई दिए। नासोगेस्ट्रिक ट्यूब उनके चेहरे पर लगी हुई थी।  पिछले दिनों उनकी तबियत बिगड़ने के पीछे उनके रक्तचाप में तेजी से गिरावट बताया गया था.

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