370 पर टूट रही है कांग्रेस.. कई लोग खड़े हो रहे अमित शाह के अटल फैसले के साथ

मोदी सरकार द्वारा कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटाए जाने के बाद देशभर में जश्न मनाया जा रहा है तो वहीं 370 हटाने का विरोध करने वाली कांग्रेस में टूट पड़ती हुई दिखाई दे रहे है. गौरतलब है कि जब कल गृहमंत्री अमित शाह ने राज्यसभा में कश्मीर से 370 हटाने का संकल्प पेश किया तो कांग्रेस की तरफ से तीव्र विरोध किया गया. राज्यसभा में कांग्रेस के नेता गुलाम नबी आजाद ने इस फैसले को भारत का सर काटने वाला बताया तो वहीं अब कांग्रेस के कई नेता 370 हटाने के समर्थन में आ गये हैं.

हरियाणा से कांग्रेस के पूर्व सांसद तथा युवा नेता दीपेन्द्र सिंह हुड्डा ने ट्वीट कर कश्मीर से 370 हटाए जाने का समर्थन किया है. दीपेंद्र हुड्डा ने ट्वीट कर लिखा, ‘मेरी व्यक्तिगत राय रही है कि 21वीं सदी में अनुच्छेद 370 का औचित्य नहीं है और इसको हटना चाहिए. ऐसा सिर्फ देश की अखंडता के लिए ही नहीं, बल्कि जम्मू-कश्मीर जो हमारे देश का अभिन्न अंग है, के हित में भी है. अब सरकार की यह जिम्मेदारी है कि इसका क्रियान्वयन शांति और विश्वास के वातावरण में हो.

उत्तर प्रदेश के रायबरेली से कांग्रेस विधायक अदिति सिंह ने भी आर्टिकल 370 हटाए जाने का समर्थन किया है. बता दें कि अदिति सिंह को गांधी परिवार का बेहद ही करीबी माना जाता है लेकिन उन्होंने 370 पर मोदी सरकार का साथ देकर कांग्रेस को करार झटका दिया है. ट्विटर पर अदिति सिंह ने हैशटैग आर्टिकल 370 के साथ ‘युनाइटेड वी स्टैंड, जय हिंद’ लिखा. इस पर एक ट्विटर यूजर ने उनसे पूछा कि आप तो कांग्रेसी हैं, इस पर उन्होंने जवाब दिया, ‘मैं एक हिंदुस्तानी हूं’.

वहीं मुंबई कांग्रेस के अध्यक्ष मिलिंद देवड़ा भी कश्मीर से 370 हटाए जाने के समर्थन में आ गये हैं. देवड़ा ने कहा, यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि अनुच्छेद 370 को उदार बनाम रूढ़िवादी बहस में तब्दील कर दिया गया. पार्टियों को अपनी विचारधारा से अलग हटकर इस पर बहस करनी चाहिए कि भारत की संप्रभुता और संघवाद, जम्मू-कश्मीर में शांति, कश्मीरी युवाओं को नौकरी और कश्मीरी पंडितों के न्याय के लिए बेहतर क्या है.

इसके अलावा कांग्रेस के दिग्गज नेता जनार्दन द्विवेदी ने भी अनुच्छेद 370 हटाए जाने का स्वागत किया. उन्होंने कहा, मेरे राजनीतिक गुरु राम मनोहर लोहिया हमेशा से इस आर्टिकल के खिलाफ थे. इतिहास की एक गलती को आज सुधारा गया है. इसके अलावा हरियाणा के फिरोजपुर झिरका ने कांग्रेस के रुख का विरोध करते हुए पार्टी छोड़ दी है तथा वह बीजेपी में शामिल हो गये हैं.

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