त्रिपुरा के 98 ईसाइयों ने फिर से ओढ़ लिया भगवा .. लगाए जय श्रीराम के नारे और माना कि वो भटक गये थे


पूर्वोत्तर के राज्य त्रिपुरा के उनाकोटि जिले के राची पाड़ा गांव में बीते रविवार (२० जनवरी २०१९) को २३ आदिवासी परिवार के ९८ लोगों ने अचानक से हिंदू धर्म अपना लिया ! इसके लिए वहां हिंदू संगठनों की तरफ से सार्वजनिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया था। धर्म परिवर्तन के इस कार्यक्रम से विश्व हिंदू परिषद (विहिप) भी जुड़ी हुई थी। इस कार्यक्रम में पुजारियोंद्वारा पूरे रीति-रिवाज और पूजा-पाठ के साथ ईसाईयों का धर्म परिवर्तन और शुद्धिकरण किया गया था।

इसके बाद हिंदू जागरण मंच ने २१ जनवरी २०१९ को प्रेस कॉफ्रेंस कर ९८ आदिवासियों के ईसाई से दोबारा हिंदू धर्म में आने की जानकारी मीडिया को दी। दोबारा हिंदू धर्म अपनानेवालों में से ज्यादातर लोग बिहार और झारखंड के हैं, जो उनाकोटी जिले के सोनामुखी चाय बागान में काम करते थे। इनमें से अधिकतर आदिवासी उरांव और मुंडा समुदाय के हैं। बागान बंद होने के बाद इन्हें ईसाई धर्म अपनाने के लिए प्रलोभन दिया गया था !

ईसाई से हिंदू बने कुछ लोगों का कहना है कि पिछले माह क्रिसमस के मौके पर गांव के कुछ आदिवासी लड़कों ने पास ही एक पवित्र बैल की हत्या कर दी थी ! बताया जाता है कि हिंदुओं ने इस पवित्र बैल को भगवान शिव के नाम पर छोड़ा था। इसलिए इस बैल को शिव के वाहन नंदी की तरह पवित्र माना जाता था। उसकी हत्या के बाद यहां बहुत कुछ बदल गया। गांव के ज्यादातर लोगों को इसकी जानकारी नहीं थी। हिंदू संगठनों को जैसे ही घटना का पता चला तो उन्होंने गांव में आकर हिंदू से ईसाई बने कुछ आदिवासियों की पवित्र बैल की हत्या करने के आरोप में पिटाई की। हालांकि अभी ये स्पष्ट नहीं है कि पवित्र बैल की हत्या किसने और क्यों की थी ?

हिंदू जागरण मंच ने दावा किया कि वहां के ९८ ईसाईयों ने पुन: हिंदू धर्म अपना लिया है ! खास बात ये है कि ईसाई से हिंदू बननेवाले सभी लोग आदिवासी समुदाय के हैं और इन्होंने करीब ९ साल पहले तक ये हिंदू ही थे। वर्ष २०१० में इन लोगों ने हिंदू धर्म से ईसाई धर्म अपना लिया था ! दोबारा हिंदू धर्म अपनाने पर इनमें से कुछ लोगों ने कहा कि, तब इन्हें ईसाई धर्म अपनाने के लिए लालच दिया गया था। हालांकि धर्म परिवर्तन के बाद उनका ईसाई समुदाय में तिरस्कार होने लगा ! उनसे किए गए वादे पूरे नहीं हुए। इस वजह से उन्होंने अब दोबारा हिंदू धर्म अपनाने का फैसला लिया है।


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