किताब में मस्जिद घोषित हुई ध्वनि प्रदूषण का केंन्द्र. सोनू निगम का असर चहु ओर…

गायक सोनू निगम के द्वारा मस्जिद में बजने वाले लाउड स्पीकर पर कई ट्वीट्स किए थे, जिसके बाद इसपर काफी विवाद खड़ा किया था और सोनू निगम के खिलाफ जमकर बयानबाजी की गई थी और फतवे भी जारी किए गए थे। लेकिन अब एक बार ये लाउड स्पीकर वाला बयान और तूल पकड़ सकता है। दरअसल, दिल्ली में आईसीएसई बोर्ड के कई स्कूलों में बच्चों को पढ़ाये जाने वाली विज्ञान की पाठ्य पुस्तक की किताब में अजान को ध्वनि प्रदूषण के रूप में दिखाया गया है। जिसके बाद से इस बात से काफी लोग भड़के हुए है।
आपको बता दें कि इससे पहले भी अप्रैल में हुए अजान को लेकर के काफी बवाल हुआ था, जब सोनू निगम ने अपने ट्विटर पर अजान के कारण अपनी नींद टूटने की बात कही थी। उन्होंने ने अपने ट्वीट्स में लिखा था कि मैं मुस्लिम नहीं हूं और मुझे हर रोज सुबह अज़ान के चलते उठना पड़ता है। भारत में यह जबरन धार्मिकता कबतक चलती रहेगी। उन्होंने कहा था कि आपको बता दूं कि मोहम्‍मद ने जब इस्‍लाम बनाया था तब बिजली नहीं होती थी। गौरतलब है कि कुछ लोगों ने इस बेबाकी से बात रखने के लिए उनको शाबासी भी दी थी।
सोनू निगम के इस बयान पर अभिषेक गौतम ने कहा कि अगर आमिर खान एक एंटी हिंदू फिल्‍म बनाते हैं तो उसे अभिव्‍यक्ति की आजादी कहा जाता है, लेकिन अगर सोनू निगम अज़ान के बारे में कुछ कह दे तो गलत हो जाता है। मैं सोनू निगम का समर्थन करता हूं। सेलिना पब्लिशर्स द्वारा प्रकाशित विज्ञान की पाठ्यपुस्तक में ध्वनि प्रदूषण के कारणों पर उससे संबंधित चित्रों में ट्रेन, कार, विमान और एक मस्जिद तेज ध्वनि को दर्शाने वाले स्रोत हैं चित्र में दिखाया गया कि मस्जिद के सामने एक व्यक्ति आपने कान बंद कर रहा है। 
इस चित्र को सोशल मीडिया में दिखाए जाने पर गुस्साए लोगों ने किताब वापिस लेने की मांग करी है। गौरतलब है कि इस पूरे विवाद में आईसीएसई बोर्ड के अधिकारी ने कुछ नहीं कहा, जबकि प्रकाशक हेमंत गुप्ता ने सोशल मीडिया में लिखा कि इस तरह की गलती दुबारा नहीं होगी और हम किताब के आने वाले संस्करणों में चित्र बदल देंगे। अगर इससे किसी की भी भावनाएं आहत हुई हों तो हम इसके लिए माफी मांगते हैं और यह वादा करते है की ऐसी गलती दुबारा दोहराई नहीं जाएगी। 
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