मुस्लिम लड़की से प्रेम विवाह करने वाला हिन्दू लड़के का परिवार हुआ “मॉब लिंचिंग” का शिकार.. हरियाणा पुलिस ने भी टेके घुटने

एक तरफ सत्ता से भी आ रहे हैं ऐसे बयान जिस से एकतरफा दोषी एक ही समाज लगे .. ऊपर से वामपंथी और सेकुलर समाज का एक हिस्सा मुस्लिमों को पीड़ित और डरा सहमा सा दिखाने की कोशिश में लगा है . लेकिन उसी समय दिल्ली , बंगाल , उत्तर प्रदेश , मध्य प्रदेश आदि जगहों पर कुछ ऐसा हो रहा है जिसको देख कर ये कहा जा सकता है कि सरकार झूठ बोल रहे हैं . अब तक इन मामलो से अछूता रहा हरियाणा भी अब शिकार हो चुका है उसी प्रकार की हिंसा का .

विदित हो कि अब प्रकार में एक ऐसा मोब लिंचिंग का मामला आया है जो किसी के भी रोंगटे खड़े कर देने के लिए काफी है . एक मुस्लिम लड़की से बाकायदा बालिग होने के बाद भी पूरे प्रमाणों से प्रेम विवाह करने वाले लड़के के घर को अचानक ही उन्मादी नारों के साथ घेर लिया जाता है और पूरे घर ही नहीं पूरे इलाके में फ़ैल जाता है खौफ .. कुछ ऐसे ही अभी हाल में ही सिंध प्रान्त में हिन्दू परिवार के साथ हुआ था जहाँ उन्मादी भीड़ ने एक हिन्दू डाक्टर को अपने हाथ से मौत देने की मांग की थी .

ये घटना भाजपा के मनोहर लाल खट्टर शासित हरियाणा प्रदेश की है . यहाँ के पानीपत इलाके की हमीदा पुलिस चौकी में एक लड़के रिंकू ने अपने पडोस में रहने वाली मुस्लिम लड़की से बाकायदा प्रेम विवाह किया था . लड़की भी ख़ुशी ख़ुशी अपनी ससुराल में रह रही थी हिन्दू बन कर . अचानक ही रात में सैकड़ो लोगों की उन्मादी भीड़ ने हिन्दू परिवार को घेर लिया और रिंकू की माँ को बुरी तरह से घेर कर मारा . वो पूरे परिवार को मार डालने की नीयति से आये थे लेकिन तब तक पुलिस आ गई और उन्होंने जैसे तैसे लड़के की माँ को बचाया .

हंगामा होने पर हमीदा चौकी से पुलिस पहुंची। किसी तरह से भीड़ के कब्जे से युवती को छुड़ाकर चौकी लाए। लोगों ने चौकी का घेराव कर दिया। मामला शांत कराने के लिए एक सौदा हुआ और खट्टर शासित हरियाणा पुलिस ने आखिरकार घुटने टेक ही दिए जिसके चलते पुलिस ने युवती को उन लोगों को सौंप दिया। रिंकू का कहना है कि उन्होंने मंदिर में रीति रिवाज से शादी की है। वे दोनों बालिग हैं। इस बारे में दस्तावेज भी दिए गए। पुलिस नहीं मानी और उनकी पत्नी को जबरन उनके साथ भेज दिया। रिंकू ने आरोप लगाया कि पत्नी की हत्या हो सकती है। वे लोग मुझे भी जान से मारना चाहते हैं।

फिलहाल अब तक रिंकू को उनकी पत्नी मिल नहीं पाई है और इस मामले में तथाकथित बुद्धिजीवी और सेकुलर वर्ग खामोश हैं . मासूम , भटके और गुमराह जैसे शब्द देने वाले भी फिलहाल चुप दिखाई दे रहे हैं . अभी तक इस मामले में किसी ने कोई आधिकारिक बयान भी जारी नहीं किया है .. चुपचाप स्वघोषित और स्वरचित सेकुलरिज्म के सिद्धांत अपनाए जा रहे हैं और पीड़ित हिन्दू परिवार खौफ के साए में उस हरियाणा में जी रहा है जहाँ माना जाता रहा था कि चरमपंथ का स्तर कम है .

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