जो मांगते थे विदेश से पैसे और फैलाते थे आतंक मोदी सरकार ने तोड़ा दिए वो सभी मंसूबे… जानिए कैसे

विदेशी फंडिंग को लेकर मोदी सरकार ने सख्त फैसला लिया है। विदेशी फंडिंग को पारदर्शी बनाने के लिए गृह मंत्रालय ने विदेश से फंड पाने वाले सभी NGOS, कारोबारी संस्थाओं और व्यक्तियों से एक महीने के भीतर निर्धारित किए गए 32 बैंकों में खाता खुलवाने के निर्देश दिए हैं। इन 32 बैंकों में एक विदेशी बैंक भी शामिल है। मोदी सरकार ने NGOS के लिए नियम कड़े किए हैं और कानून का उल्लंघन करने वाले कई संस्थाओं पर कार्रवाई भी की गई है।

पिछले हफ्ते गृह राज्य मंत्री किरण रिजिजू ने संसद में बताया था कि 2011 से 2017 के बीच 18,868 NGOS के रजिस्ट्रेशन रद्द किए गए। गृह मंत्रालय की ओर से जारी आदेश के अनुसार, बैंकों में विदेशी मदद से संबंधित अकाउंट खुलवाने का आदेश हाई लेवल की ट्रांसपरेंसी बनाने के उद्देश्ये से दिया गया है। ये सभी निर्धारित बैंक केंद्र सरकार की पब्लिक फाइनेंशियल मैनेजमेंट सिस्टम से इंटीग्रेटेड होंगे।

सरकार ने जारी किए ये आदेश गृह मंत्रालय की ओर से जारी आदेश के अनुसार, फॉरेन कंट्रीब्यूशन (रेग्युआलेशन) एक्टो 2010 के तहत किसी व्यक्ति, एसोसिएशन और कंपनी को मिलने वाली विदेशी मदद या फंड के लिए रेग्युलेशन का प्रावधान है, जिससे यह सुनिश्चित किया जा सके कि ऐसी मदद या कन्ट्रीब्यूशन का इस्तेमाल किसी ऐसे कार्यों में न हो जो देश हित के खिलाफ हो।

इस तरह, एफसीआरए 2010 के तहत दिए गए अधिकारों के तहत केंद्र सरकार ऐसे लोगों को निर्देश देती है कि जो रजिस्टलर्ड हों या जिन्होंने FCRA 2010 के तहत पहले अनुमति ली हो, अपने बैंक अकाउंट निर्धारित 32 बैंकों में से किसी एक में अवश्य खोल लें। यह अकाउंट 21 जनवरी 2018 तक खुल जाने चाहिए। इसके तहत एक फॉर्म भरकर लोगों को इस बैंक अकाउंट की डिटेल जानकारी मिनिस्ट्री को देनी होगी।

इन बैंकों को एकाउंट खोलेने के दिए आदेश विदेशी फंडिंग लेने वाले एनजीओ, कंपनियों और व्यक्तियों के लिए अकाउंट खोलने के लिए 32 बैंक निर्धारित किए गए हैं।

आपको बता दे कि विदेशों से मिलने वाले पैसे में कई बार ऐसे पैसे भी होते है जो जिससे भारत के अंदर नफ़रत फैलाया जाता है और सुरक्षा विभाग ने ये भी बताया है कि लव जिहाद जैसे मामले के लिए विदेशों से पैसे भेजे जाते है. 

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