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बजट के बाद वित्त वर्ष को बदलने पर विचार कर रही है मोदी सरकार

नई दिल्ली : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वित्त वर्ष अप्रैल से मार्च के बजाय जनवरी से दिसंबर तक करने की वकालत की है। साथ ही उन्होंने पूरे देश में लोकसभा और 
विधानसभा चुनाव एक साथ कराने की अपील की है। रविवार को नीति आयोग की गवर्निंग काउंसिल की बैठक में पीएम ने न्यू इंडिया के निर्माण को सभी राज्यों की 
सामूहिक ज़िम्मेदारी को बताते हुए इसके लिए 15 साल का रोडमैप भी पेश किया। 
वहीं, पीएम मोदी ने कहा कि भारत लंबे समय से राजनीतिक और आर्थिक कुप्रबंधन झेलता रहा है। कुप्रबंधन के कारण ही हमारी कई योजना विफल हो गया है। लेकिन अब व्यवस्था के लिए दुरुस्त कदम उठाने होगें। उन्होंने बैठक में उपस्थित मुख्यमंत्रियों से विधानसभा और लोकसभा को एक साथ चुनाव करने का विचार-विमर्श किया और साथ ही बहस को और आगे बढ़ाने को कहा गया। 
बता दें कि पीएम ने न्यू इंडिया के विचार को धरातल पर उतारने के लिए मुख्यमंत्रियों से सहयोग मांगा गाया। नीति आयोग संचालन परिषद की तीसरी बैठक को 
संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि मुख्यमंत्रियों-मंत्रियों और विशेषज्ञों के रुप में जमा हुई। टीम इंडिया ही व्यापक सुधारो के ज़रिए न्यू इंडिया का निर्माण करेगें। साथ ही कहा कि टीम इंडिया स्वतंत्रता दिवस की 75वीं वर्षगांठ के भारत की दृष्टि तैयार करेगें। 
इस दौरान बैठक में नीति आयोग की 15 साल की दृष्टि 7 साल की रणनीति और तीन साल का कार्रवाई एजेंडा राज्यों को व्यापक लाभ दिया जाएगां और सुधारों की गति में और बढ़ोतरी करने, बुनियादी ढांचा निर्माण क्षेत्र और पूंजीगत व्यय की रफ्तार बढ़ाने की अपील किया है। उन्होनें राज्य को भी देश की नीति निर्धारण की प्रक्रिया का हिस्सा बताया। 
इसके तहत महत्वाकांक्षी केंद्रीय योजनाओं पर मुख्यमंत्रियों की राय ली जाएगी। वहीं, पीएम ने वस्तु एवं सेवा कर यानी जीएसटी बिल सभी राज्यों में समर्थन की चर्चा की। पीएम ने कहा कि जीएसटी बिल पर बनी आम सहमति देश के इतिहास में संघवाद का एक महान उदाहरण है। यह एक राष्ट्र, एक आकांक्षा और एक संकल्प का खूबसूरत उदाहरण है।
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