CRPF बलिदानी के शव के ऊपर उनके चाचा को पटक दिया विधायक ने.. जैश जैसी क्रूरता सत्ता में बैठे एक विधायक की

ऐसी क्रूरता जैश के आतंकियों द्वारा ही की गई थी लेकिन सत्ता में बैठे एक विधायक के द्वारा पुलवामा के बलिदानी के शव के पास जब उनके परिजनों की पिटाई की गई तो हर कोई देखने लगा राजनीति का वो भीषणतम घृणित चेहरा जिसको देख कर आप विचलित भी हो सकते हैं .. ये वही समय है जब देश के तमाम कोनो ने भारत विरोधी व पाकिस्तान समर्थक गद्दार पकड़े जा रहे हैं, लेकिन उनसे कहीं निकृष्ट हरकत चुन कर आये एक विधायक द्वारा होना कहीं न कहीं सवाल खड़े कर के पूछता है कि वर्दी की आन बान और शान की रक्षा करते हुए अमर हो गए जवान के शव के साथ निर्दयता केवल पाकिस्तान ही दिखाता है तो वो सब किस ने किया जो उड़ीसा से वायरल होता हुआ देश के तमाम कोनों तक पहुच गया है ..

ज्ञात हो कि देश को हिला और रुला देने वाले पुलवामा इस्लामिक आतंकी हमले में अमरता को प्राप्त हुए सीआरपीएफ के 33 वर्षीय कॉन्स्टेबल मनोज बेहरा के परिजनों के साथ बीजू जनता दल विधायक देबाशीष सामंतराय की बदसलूकी का वीडियो सामने आया है जिसके बाद देशभक्तों की निगाहें कश्मीर से हट कर उड़ीसा की तरफ घूम गयी हैं.. ये वीडियो 15 फरवरी का है, जो अब वायरल हुआ है। वीडियो में विधायक बलिदानी के चाचा को धक्का देते और उनके साथ गैरजिम्मेदार व्यवहार करते दिख रहे हैं , इसके बाद बलिदानी के दहाड़े मार कर रोते हुए चाचा वीर बलिदानी के शव पर गिर पड़ते हैं जो उस समय सैनिक के ताबूत में था..इस निकृष्टतम कुकृत्य के बाद भारतीय जनता पार्टी के उड़ीसा प्रान्त के कार्यकर्ताओं ने गत सोमवार शाम नियाली बाजार इलाके में इस संवेदनहीन विधायक सामंतराय का पुतला भी फूंका।

इस विधायक को मुख्यमंत्री नवीन पटनायके का बेहद खास माना जाता है जिसके चलते फिलहाल नवीन पटनायक इस मुद्दे पर चुप्पी साध कर बैठे हुए हैं जो आम जनमानस के और भी ज्यादा आक्रोशित करने का कारण बन रहा है .. कुछ लोग सैनिक के परिवार के साथ हुई इस क्रूरता को कट्टरपंथियों को खुश करने व उनके वोट की पकी फसल काटने के चलते जानबूझकर किया गया कृत्य बता रहे हैं ..बता दें अमर बलिदानी मनोज बेहरा का अंतिम संस्कार उनके पैतृक गांव कटक जिले के रतनपुर गांव में हुआ था, जिसमें बीजेडी विधायक पहुंचे थे। जब ये वाक्या हुआ उस वक्त ओडिशा के स्वास्थ्य मंत्री प्रताप जेना, स्थानीय विधायक प्रमोद मल्लिक और प्रवत बिस्वाल भी मौजूद थे।

Share This Post