पुलिस आधुनिकीकरण में मध्य प्रदेश पुलिस निकली आगे. मिले 3 राष्ट्रीय स्तर के पुरष्कार

पुलिस का आधुनिकीकरण आज के समय में सबसे बड़ी जरूरत है इसमें कोई भी शक नहीं है . सन 1861 के कानून से चलने वाली पुलिस व्यवस्था को अगर न बदला गया तो आये दिन कानून व्यवस्था लचर होने के आरोप लगा करेंगे.. पुलिस से अपेक्षाएं तमाम लोगों को जरूर हैं लेकिन उसकी सीमायें , उसके बंधन पर शायद ही कोई गौर से सोचता हो .. लेकिन मध्य प्रदेश में हुई है इसकी शुरुआत जिसके कर्णधार बने हैं खुद मुख्यमंत्री कमलनाथ और बने हैं अन्य प्रदेशो के लिए प्रेरणा…

ध्यान देने योग्य है कि मध्य प्रदेश पुलिस वालों के लिए ये गौरव का विषय था जब ये घोषणा हुई कि स्मार्ट पुलिसिंग के लिए मध्यप्रदेश पुलिस को तीन प्रतिष्ठित राष्ट्रीय स्तर के पुरस्कार से नवाजा जाएगा. ये सम्मान पाने में मध्य प्रदेश पुलिस बाकी अन्य प्रदेशो की पुलिस से आगे निकल गई जिसको मुख्यमंत्री कमलनाथ ने खुद से ट्विट कर के बताया .. यह पुरस्कार 22 अगस्त को नई दिल्ली में देश के व्यापार एं उद्योग जगत की प्रमुख संस्था फेडरेशन ऑफ इंडियन चेंम्बर ऑफ कामर्श एंड इंडस्ट्रीज (फिक्की) द्वारा प्रदान किया जाएगा.

मध्यप्रदेश पुलिस को फिक्की ने जिन तीन श्रेणियों में एवार्ड के लिए चयनित किया है, उनमें महिलाओं और बच्चों से संबंधित अपराध नियंत्रण में अनुकरणीय कार्य, प्रदेश की ‘चिन्हित अपराध’ योजना तथा सेफ सिटी मॉनीटरिंग रिस्पॉन्स सेंटर (एससीएमआरसी) भोपाल में 60 शहरों के सीसीटीवी डेटा पर पुलिस टेलीकॉम द्वारा बनाए गए वाहन डिटेक्शन पोर्टल के लिए मिलने जा रहे सम्मान शामिल हैं।राष्ट्रीय स्तर के ये अत्यधिक प्रतिष्ठित पुरस्कार हैं। जिन्हें व्यापक रूप से उद्योग और पेशेवर हलकों में मान्यता प्राप्त है। पुरस्कारों का निर्णय एक ज्यूरी द्वारा किया जाता है।

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