अंडमान में यीशु का राज्य स्थापित करना चाहता था वो ईसाई प्रचारक जिसे आदिवासियों ने बींध दिया है तीरों से

अंडमान में आदिवासियों के हमले में मारे गए अमेरिकी ईसाई धर्मान्तरणकारी जॉन एलन के बारे में सनसनीखेज खुलासा हुआ है. जानकारी मिली   है कि ईसाई धर्मान्तरणकारी जॉन एलन अंडमान में यीशु का साम्राज्य स्थापित करना चाहता था.  लेकिन इससे पहले वह अपने मकसद में कामयाब हो पाता, आदिवासियों ने उसको मार डाला. जॉन एलन द्वारा लिखे नोट्स में दिखाया गया है कि उसे द्वीप पर यीशू के राज्य को स्थापित करने की उम्मीद है. नोट्स से पता चलता है कि आदिवासी जनजाति की आक्रामक’ प्रतिक्रियाओं से वह उलझन में था, जबकि वह दिखाना चाहता था उनके लिए वह बहुत अच्छा था.

अंडमान और निकोबार में पुलिस महानिदेशक, दीपेंद्र पाठक के मुताबिक, अलबामा निवासी 27 वर्षीय जॉन एलन के रूप में पहचाने जाने वाले को पिछले हफ्ते मछुआरों द्वारा अवैध रूप से पार उतारने के बाद मार डाला गया था. सूत्रों के मुताबिक एलन के हाथ से लिखा हुआ नोट्स मिला है जिसे जॉन ने मछुआरों के एक दोस्‍त को समुद्र पास करने के लिए दिया था, जिसमें कहा है कि वह आदिवासियों को उपहार में देने के लिए कैची, सुरक्षा पिन और फुटबॉल ले गया था. अंडमान निकोबार के डीजीपी दीपेंद्र पाठक ने गुरुवार को कहा कि हत्‍या के मामले में 4 लोगों को न्यायिक हिरासत में भेजा गया है और 3 आरोपियों को 7 दिन की पुलिस हिरासत में भेजा गया है. उनकी जांच की जाएगी. एलन के जर्नल का भी विश्लेषण किया जाएगा. पुलिस की एक टीम को उत्तरी सेंटिनल द्वीप भेजा जा रहा है.

नोट्स के बारे में एक सूत्र ने कहा कि एलन ने लिखा है कि ‘आदिवासियों में से कुछ बहुत अच्‍छे हैं, उनमें से कुछ बहुत आक्रामक हैं. मैं उनके लिए बहुत अच्‍छा हूं, फिर भी वे नाराज और आक्रामक हैं. एलन ने लिखा है कि वह ‘द्वीप में यीशू का साम्राज्‍य स्‍थापित करना चाहता हूं. … एलन ने ब्‍लॉग ने लिखा है कि मेरे जीवन में निश्चित रूप से यीशू की प्रेरणा है और मुझे उम्मीद है कि मैं वहां यीशु का  साम्राज्य  स्थापित करूँगा.

Share This Post