भारत के इशारे पर अमेरिका बिछा रहा पाकिस्तान की राह में कांटे – मुशर्रफ

जब से अमेरिका ने पाकिस्तान को दी जाने वाली आर्थिक सहायता रोकी तब से पूरा पाकिस्तान खुद को कब्र के नजदीक महसूस कर रहा है। कारगिल युद्ध का सरगना पाकिस्तान का पूर्व राष्ट्रपति और आर्मी चीफ जनरल (रिटा.) परवेज मुशर्रफ इतना खौफ में आ गया है की दुनिया की महाशक्ति अमेरिका के खिलाफ बेतुकी बातें करने लगा है। मुशर्रफ अमेरिका को उल्टा बोल रहा है कि अमेरिका को पाकितान की जरुरत है न की पाकिस्तान को अमेरिका की।

पाकिस्तान किसी के आगे नहीं झुकता और वह अपने परमाणु हथियारों का कभी भी इस्तेमाल कर सकता है। हाफिज सईद के बाद पूर्व पाकिस्तानी राष्ट्रपति का ये बयान लगातार पाकिस्तान की आतंक परस्त नीति को दिखाता है।

पाकिस्तान टीवी को दिए एक इंटरव्यू में मुशर्रफ ने आरोप लगाते हुए कहा कि अमेरिका ने शुरू से पाकिस्तान के साथ दोहरा रवैया अपनाया है। मुशर्रफ ने ट्रंप के बयान को सिर्फ कागजी बताते हुए कहा कि जहां तक पैसे की बात है तो अमेरिका ने खैरात में पैसे नहीं दिए थे।

जो पैसा उन्होंने दिया था उसमें आधा पैसा मिलिट्री के लिए था और आधा सोशियो इकॉनोमी में लगना था। और पाकिस्तान जैसे बड़े मुल्क में जो पैसा अमेरिका से आया था वो नाकाफी था। मुशर्रफ ने आगे कहा कि अगर अमेरिका मानता है कि उसके पैसे से ही पाकिस्तान चल रहा है तो वो गलत समझता है।

साथ ही मुशर्रफ ने आरोप लगाया कि पाकिस्तान को अमेरिका ने हर बार धोखा दिया है। परवेज मुशर्रफ ने आगे बढ़ते हुए कहा कि हम अमेरिका की जरूरत हैं ना कि अमेरिका हमारी।

पाकिस्तान की पब्लिक अमेरिका के साथ नहीं है। अमेरिका ने 1965 में आर्मर्ड डिविजन दिया जहां मुशर्रफ ने काम किया। 1979 में पाकिस्तान की पब्लिक अमेरिका से खुश थी, जब पाकिस्तान के साथ अमेरिका ने अफगानिस्तान में सोवियत संघ के साथ लड़ाई लड़ी थी। आगे उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा की पाकिस्तान में अमेरिका को लेकर गुस्सा है जिसके अंजाम अमेरिका को भुगतने होंगे।

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