मोदी शासन का इज़राइल के खिलाफ वोट बढ़ा रहा चरमपंथ के हौसले.. भारत से दुनिया को अमेरिका व इज़राइल के खिलाफ जारी हुआ एक फ़रमान

येरुशलेम को इजराइल की राजधानी बनाने के अमेरिकी ऐलान के खिलाफ गुरूवार को पूरे देश में मजलिसे ओलमाए हिंद अपील पर कुद्वस सुरक्षा दिवस मनाया गया । मजलिसे ओलमाए हिन्द ने जुमा की नवाज के खुतबे में अमेरिकी निर्णय की निंदा की और इजराइल एंव अमेरिकी उत्पादों के बहिष्कार की घोषणा की ।

आपको बता दे कि घटिया अजमत अली स्थित मस्जिद पंजतनी में यौमे तहफ्फुजे कुद्दस के रूप में मनाया गया।

जुमे की नमाज के बाद नमाजियों ने इजराइल और अमेरिका के लिए एक समाचार चैनल के एंकर के खिलाफ रोष व्यक्त किया।
शिया समाज ने जुमे की नमाज के बाद येरुशलम को इजराइल की राजधानी स्वीकार करने और बैतुल मुकद्दस में अमेरिकी दूतावास खोलने के अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप के निर्णय की जमकर आलोचना की।
मौलाना सैयद अनवारुल हसन जैदी ने संयुक्त राष्ट्र से मांग की है कि ट्रंप के गैर राजनीतिक और अपमानजनक फैसले के खिलाफ आपात बैठक बुलाएं और वैश्विक शांति के महत्व के लिए महत्वपूर्ण कदम उठाए जाएं।

मुस्लिम देशों को चाहिए कि अमेरिका और इजराइल से अपने संबंध खत्म करें और उनके उत्पादों का बहिष्कार करें। हमारा देश शांतिपूर्ण है। पूरी दुनिया जानती है कि फिलीस्तीन की जमीन और बैतुल मुकददस पर इजराइल का गासिबाना कब्जा है। मौलाना ने जुमे के खुतबे में इजराइल की बनी चीजों के बहिष्कार और एक चैनल को न देखने की मुसलमानों से अपील की।
विरोध करने वालों में अल्हाज कमर अब्बास नकवी, अली मेंहदी, राहत अकील, शावेज नकवी, तनवीर हसन, अरशद मरगूब, तस्लीम रजा, सलीम रजा, रजी हैदर, हसन अली, आलिम रिजवी, राहत हुसैन रिजवी, इबाद रिजवी, हसन अब्बास, मो. मियां, अदनान, हसन अब्बास, श्यान, जीशान, शब्बू, अयाज हुसैन, तहसीन रजा, शोजब, आमिल रिजवी, सैफू, राहिल, आमिर, शाद, मीसम, जीशान, शब्बर अकील, कुमेल आदि प्रमुख हैं

Share This Post

Leave a Reply