“अयोध्या में न कभी मस्जिद थी और न हिन्दू स्वीकार करेगा.. एक ही उपाय है और वो है श्रीराम का भव्य मंदिर”… ये बयान किसी हिन्दू का नहीं

अयोध्या में कभी मस्जिद थी ही नहीं.. औअर अगर वहां मस्जिद बन भी जाती है तो न इसे हिन्दू समाज स्वीकार करेगा और न ही खुदा तथा अयोध्या में मस्जिद बनने से हिन्दू-मुस्लिम के बीच और खाई पैदा होगी, साम्प्रदायिक सद्भाव बिगड़ेगा. इसका एक ही उपाय है और वो है अयोध्या में भव्य श्रीराम मंदिर का निर्माण. ये बयान किसी हिंदूवादी नेता का नहीं है बल्कि एक मुस्लिम नेता का है.

भाजपा अल्पसंख्यक मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष हैदर अब्बास चांद ने कहा कि अयोध्या में श्रीराम मंदिर ही बनना चाहिए. श्रीराम 100 करोड़ से ज्यादा हिंदुओं की आस्था का प्रतीक हैं. मुस्लिम समाज श्रीराम मंदिर निर्माण में हिंदू भाइयों के साथ है. यह बात उन्होंने शनिवार को बिजनौर जनपद में कही. सिंचाई विभाग के डाक बंगले में आयोजित प्रेस वार्ता में उन्होंने कहा कि अयोध्या में हमेशा से श्रीराम मंदिर था. वहां कभी मस्जिद थी ही नहीं. उन्होंने कहा कि अयोध्या में श्रीराम जन्मभूमि पर मस्जिद बनाने का कोई औचित्य नहीं है।अगर वहां मस्जिद बन भी जाती है तो वहां की गई नमाज को खुदा कबूल नहीं करेगा.

हैदर अब्बास चाँद ने कहा कि इस्लाम में किसी धर्मस्थल को तोड़कर मस्जिद बनाने को गलत बताया गया है. इसके साथ ही उन्होंने ये भी कहा कि मध्य प्रदेश, राजस्थान और छत्तीसगढ़ में भाजपा फिर से सरकार बनाएगी. पूरे देश की जनता भाजपा द्वारा किए गए विकास को देख रही है. उन्होंने कहा कि भाजपा में परिवारवाद नहीं है. भाजपा ने उज्ज्वला योजना, विद्युतीकरण के क्षेत्र में क्रांतिकारी कार्य किए हैं. भाजपा की सभी योजनाओं का लाभ मुस्लिमों को भी मिला है. उन्होंने उम्मीद जताई कि जल्द ही अयोध्या में श्रीराम मंदिर का निर्माण होगा.

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