लखनऊ में तीन तलाक के मुद्दा पर मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड की बैठक आज, पीड़ित महिलाओं को मदद देने पर होगा जोर….


नई दिल्ली : इन दिनों तीन तलाक का मुद्दा सुर्खियों में बना हुआ है। एक के बाद एक मुस्लिम महिलाएं तीन तलाक को लेकर अब खुलकर सामने आ रही है। इस मुद्दे पर बढ़ते विवाद को देखते हुए अब मुस्लिम संगठनों ने इस पर महांमथन करने के लिए एक बैठक बुलाई है, जिसपर सभी की निगाहें टीकी हुई है।

बैठक में ‘तीन तलाक’ और ‘अयोध्या’ विवाद के बातचीत के जरिए कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा होगी। साथ ही बोर्ड की महिला शाखाओं को और मजबूत करने के रास्तों पर भी चर्चा होगी। बता दें कि तीन तलाक को लेकर सुप्रीम कोर्ट में लंबित मुकदमे में आल इंडिया मुस्लिम पर्सनल ला बोर्ड एक पक्षकार है।

मौलाना रशीद ने बताया कि बाबरी मस्जिद का मुद्दा बेहद अहम है और बैठक में यह निर्णय लिया जा सकता है कि इसका बातचीत के जरिए हल का कोई रास्ता खुला है या नहीं। वहीं, ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड के सदस्य मुफ़्ती ऐजाज़ अर्शद क़ासमी ने कहा कि एक बार में तीन तलाक जो लोग कह रहे हैं, उस पर भी लोगों से पूछा गया।

इस पर औरतों और मर्दों का कहना है कि ये एक समाजिक बुराई है। इसमें समाजी सतहों पर रोक-थाम होनी चाहिए. जो लोग ट्रिपल तलाक का गलत इस्तेमाल करते हैं, उनको सज़ा होनी चाहिए। इसके गलत इस्तेमाल की रोक-थाम होनी चाहिए। हालांकि, तीन तलाक का मुद्दा काफी पुराना है लेकिन पिछले कुछ समय से इसे लेकर बहस तेज हो गई है।

पहले मुस्लिम महिलाएं तीन तलाक के विरोध में सामने नहीं आती थी लेकिन अब मुस्लिम महिलाएं तीन तलाक के खिलाफ खुलकर सामने आ रही हैं और पीएम मोदी और यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ से तीन तलाक को बैन करने की मांग कर रही हैं।


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