लखनऊ में जीता गया “विश्वास”. पाकिस्तान की मुस्लिम महिला को मिली भारत की नागरिकता

भारत के प्रधानमन्त्री नरेंद्र मोदी जी ने लोकसभा चुनावों में भारतीय जनता पार्टी की प्रचंड जीत के बाद एलान किया था कि अल्पसंख्यको का विश्वास जीतना उनकी प्रमुख प्राथमिकताओं में होगी और उन्होंने उस दिशा में मजबूती से कदम बढाये जिसमे मुस्लिम छात्रो को IPS और IAS बनाने के प्रयास आदि शामिल हैं .. इसी के साथ उन्होंने मुख़्तार अब्बास नकवी के माध्यम से कई योजनाओं का क्रियान्वयन भी करवाया जो अब सतह पर दिखाई भी देने लगी है .

इसी क्रम में अब विश्वास जीतने की दिशा में मजबूती से कदम लखनऊ में बढ़ाया गया है जहाँ लगभग 25 साल से भारत में रह रही एक पाकिस्तानी महिला को भारत की नागरिकता प्रदान कर के उसको खुश कर दिया गया है . महिला का नाम इफरत है जो पाकिस्तान की रहने वाली है लेकिन भारत के मोहसिन नाम के व्यक्ति से इनका निकाह काफी पहले हुआ था जिसके बाद ये अपने शौहर के साथ भारत में आ कर बस गई थीं और यही की नागरिकता के लिए जी जान से जुट गई हैं .

अब आखिरकार 25 वर्ष के बाद इफरत को भारत की नागरिकता दे ही दी गई जिस पर उन्होंने ख़ुशी का इज़हार किया है . भारत की मिली नागरिकता को हाथ में बाकायदा दिखाते हुए इफरत ने यहाँ की सरकार और उन्हें भारतीय नागरिक घोषित करवाने में मदद करने वाली सरकारी एजेंसियों की भी जी भर के तारीफ की है .. फिलहाल इसके बाद ये कहना गलत नहीं हुआ है कि मोदी सरकार अपने विश्वास जीतने के रास्ते पर एकदम सही चल रही है जिसमे इफरत की नागरिकता एक बड़ी भूमिका निभाएगा .

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